यूडीएफ ने शबरिमला सोना चोरी मामला, स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़ताल को लेकर एलडीएफ की आलोचना की

यूडीएफ ने शबरिमला सोना चोरी मामला, स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़ताल को लेकर एलडीएफ की आलोचना की

यूडीएफ ने शबरिमला सोना चोरी मामला, स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़ताल को लेकर एलडीएफ की आलोचना की
Modified Date: March 4, 2026 / 07:36 pm IST
Published Date: March 4, 2026 7:36 pm IST

तिरुवनंतपुरम, चार मार्च (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शबरिमला सोना चोरी मामला, मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की आलोचना की।

सरकारी चिकित्सक और निजी नर्स का एक वर्ग वेतन से जुड़े मुद्दे को लेकर हड़ताल पर है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि शबरिमला मंदिर से कथित तौर पर सोने की चोरी से संबंधित मामलों में गिरफ्तार किये गए ज्यादातर आरोपी जमानत पर हैं और जांच जल्द ही बिना किसी नतीजे के समाप्त हो जाएगी।

सतीशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह बात सच है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) पर्याप्त सबूत जुटाने में सक्षम नहीं रहा है और सभी आरोपियों के जमानत पर रिहा हो जाने के बाद, जो भी सबूत होंगे उन्हें नष्ट किया जा सकता है। यही हमारी आशंका है और हमने विधानसभा में कई बार यह मुद्दा उठाया है।’

उन्होंने कहा कि विपक्ष को शुरू में एसआईटी पर भरोसा था, क्योंकि इसकी जांच की निगरानी केरल उच्च न्यायालय द्वारा की जा रही थी।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की मदद से ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जिसमें आरोपियों को उनकी गिरफ्तारी के निर्धारित 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल न होने के कारण वैधानिक जमानत मिल सकती है।

सतीशन ने तर्क दिया, ‘एसआईटी द्वारा प्रारंभिक आरोपपत्र भी दाखिल नहीं किया गया है। जिस तरह से जांच की जा रही है, उससे एसआईटी का महत्व कम हो रहा है। साथ ही, कोई गिरफ्तारी भी नहीं हुई है।’’

शबरिमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर सतीशन ने दावा किया कि राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामे के माध्यम से अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।

विपक्ष के नेता ने कहा, ‘उसे उच्चतम न्यायालय में हलफनामे के माध्यम से यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह (मंदिर में) महिलाओं के प्रवेश के पक्ष में है या नहीं।’

सरकारी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की जारी हड़ताल और निजी अस्पतालों में नर्स द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन के संबंध में सतीशन ने कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करे तो इन मुद्दों का समाधान हो सकता है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और नर्स की हड़ताल से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

भाषा

शुभम सुभाष

सुभाष


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