उदयनिधि ने टीवीके सरकार पर निशाना साधा, कावेरी डेल्टा के किसानों की अनदेखी का आरोप

उदयनिधि ने टीवीके सरकार पर निशाना साधा, कावेरी डेल्टा के किसानों की अनदेखी का आरोप

उदयनिधि ने टीवीके सरकार पर निशाना साधा, कावेरी डेल्टा के किसानों की अनदेखी का आरोप
Modified Date: August 23, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: August 23, 2026 6:46 pm IST

तंजावुर (तमिलनाडु), 23 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने राज्य में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर रविवार को तीखा हमला बोलते हुए प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया।

स्टालिन ने आरोप लगाया कि मेट्टूर बांध से पानी नहीं छोड़े जाने के कारण कावेरी डेल्टा क्षेत्र के किसान सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे हैं।

उदयनिधि एक विवाह समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता, रियायती रसोई गैस सिलेंडर और बेरोजगारी भत्ता देने जैसे प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है।

उन्होंने तंजावुर में किसानों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान अपनी हालिया गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने “अचानक सेंगिपट्टी थाने का रास्ता बदल दिया” और हिरासत को लेकर अदालत में विरोधाभासी दलीलें दीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जून, जुलाई और अगस्त में मेट्टूर बांध से पानी नहीं छोड़ा गया, जिससे पूरे डेल्टा क्षेत्र में कुरुवई (कम अवधि वाली फसल) की खेती प्रभावित हुई। उन्होंने सूखा से प्रभावित किसानों को राहत देने में विफल रहने और सामान्य राहत उपायों को लक्षित सूखा मुआवजे के तौर पर पेश करने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की।

द्रमुक नेता ने सत्तारूढ़ दल के विधायकों के लिए महंगी कारें खरीदने के राज्य सरकार के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास किसानों का कर्ज माफ करने, महिलाओं को वादे के मुताबिक हर महीने 2,500 रुपये देने, मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर बांटने या बेरोजगारी भत्ता लागू करने के लिए धन नहीं है।

उन्होंने दोहराया कि द्रमुक विधायकों ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले वाहनों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है।

उदयनिधि ने राज्य प्रशासन को एक सरकार के बजाय ‘‘सर्कस कंपनी’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि मंत्री विपक्ष के बिजली दरों में बढ़ोतरी और जनता की शिकायतों से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय मुद्दे भटकाने और सोशल मीडिया पर वीडियो डालने में लगे हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता जल्द ही मौजूदा सरकार को उचित सबक सिखाएगी।

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में