यूजीसी ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सिफारिशें दी
यूजीसी ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सिफारिशें दी
नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक समिति ने बड़े संस्थानों में प्रति 500 विद्यार्थियों और छोटे संस्थानों में प्रति 100 विद्यार्थियों पर एक परामर्शदाता के प्रस्ताव समेत बच्चों के लिए सहायता प्रणाली को मजबूत करने, तनाव और चिंता पर समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
ये सिफारिशें यूजीसी समिति के उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण पर एकसमान नीति संबंधी मसौदा दिशानिर्देशों में शामिल हैं।
सिफारिशों के अनुसार, “उच्च शिक्षा संस्थानों को सभी आवश्यक भौतिक बुनियादी ढांचे से युक्त एक समर्पित मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित करना होगा। तनाव और चिंता पर समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का भी सुझाव दिया गया है।”
भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक समान मानसिक स्वास्थ्य नीति तैयार करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के 25 जुलाई 2025 के निर्देशों के बाद यूजीसी ने दिल्ली स्थित मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएचबीएएस) के निदेशक राजिंदर के. धामिजा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था।
मसौदा मानदंडों के तहत, यूजीसी को सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में एक समान मानसिक स्वास्थ्य नीति के कार्यान्वयन की निगरानी और समर्थन करने की केंद्रीय भूमिका सौंपी गई है।
भाषा जितेंद्र देवेंद्र
देवेंद्र

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