UGC Regulations: UGC नियम को लेकर नहीं थम रहा बवाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने अपनी ही सरकार को दी नसीहत!

UGC Regulations: UGC नियम को लेकर नहीं थम रहा बवाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने अपनी ही सरकार को दी नसीहत!

UGC Regulations: UGC नियम को लेकर नहीं थम रहा बवाल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने अपनी ही सरकार को दी नसीहत!

UGC Regulations | Photo Credit: IBC24 Customize

Modified Date: January 28, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: January 28, 2026 9:04 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 15 जनवरी से UGC Rules 2026 लागू
  • पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इसे समाज में भ्रम फैलाने वाला बताया
  • उन्होंने कहा कि समाज को बिना भेदभाव के परंपरा से चलाना चाहिए

नई दिल्ली: UGC Regulations देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में UGC Rules 2026 को 15 जनवरी से लागू कर दिया गया है। नए नियम लागू होते ही इसे लेकर देशभर में विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। विरोध करने वालों में बीजेपी नेता भी शामिल हैं। अब इस मामले को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने पहली बार यूजीसी बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए इसका विरोध किया है।

दरसअल, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण (Brij Bhushan Sharan Singh) ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि ‘कई दिनों से यूजीसी पर विवाद हो रहा है और यूजीसी का विवाद यहां से शुरू होता है कि पढ़ने वाले बच्चों के बीच कभी जो घटना घट जाती है उसको लेकर के दलित और ओबीसी बच्चों के संरक्षण के लिए ये कानून लेकर के आई है। जिसके कारण बड़ी भ्रामक स्थिति हो गई है और आज देश में बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। वीडियो में उन्होंने कहा कि ये मेरे सामने कुछ बच्चे हैं। पिछले पांच साल से ये रोज शाम को आते हैं। घर पर जो भी रहता है, साथ में बैठकर उसका नाश्ता करते हैं। ये कोई कानून के तहत नहीं कर रहे। ये हमारी संनातन की परंपरा रही है। पंडित दीनदयाल जी ने कहा था कि जो नीचे है उनको उपर लाना है और यही हमारी सनातन परंपरा है। ये किसी कानून के तहत नहीं हो रहा है। ऑफिस में बैठकर समाज नहीं चलाया जा सकता है, समाज चलाने के लिए गांव आइए। उन्होंने कहा कि समाज को चलाना है तो गांव आइए और गांव में देखिए कि बिना भेदभाव के बिना किसी जातीय रंग के, एक साथ बच्चे खेलते हैं। कोई बच्चा किसी की जात नहीं पूछता है। क्या आप चाहते हैं कि भविष्य में इस घर के अंदर एंट्री दी जाए तो ओबीसी को न दी जाए? क्या आप चाहते हैं इस घर में एंट्री दी जाए तो दलित को न दी जाए? ऐसा आप माहौल खड़ा कर रहे हैं।’

हाथ जोड़कर विनती

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आपसे हाथ जोड़ कर के विनती है, इस मामले को वापस लीजिए और मैं अपील करना चाहता हूं, सवर्ण समाज से अपील करना चाहता हूं कि इसमें संपर्क करिए ओबीसी के लोगों से ओबीसी समाज के जो समझदार लोग हैं उनसे संपर्क करने की जरूरत है, जो दलित समाज के समझदार बच्चे हैं उनसे संपर्क करने की जरूरत है और उनसे इसका विरोध कराना है, क्योंकि गांव में हम एक साथ रहते हैं। गांव में कोई शादी होती है, ब्याह होता है, हर आदमी का कोई न कोई हक है, कोई न कोई नेग है, हर तरीके से भागीदारी होती है।

पिछले दिनों सनासन कथा कराया

अभी मैंने सनातन कथा कराया 1 जनवरी से लेकर 8 जनवरी तक जिसमें सद्गुरु रितेश्वर महाराज जी ने कथा कहा मैंने 52 जाति समाज के जो धर्मगुरु थे, उनसे उद्घाटन कराया। उनसे एक-एक वृक्ष लिया और मैं सनातन वाटिका बनाने जा रहा हूं। आपने तो कानून बना कर हमारे उस मिशन को स्वाहा कर दिया। उधर, कैसरगंज सांसद करन भूषण सिंह ने एक्स पर लिखा, इंटरनेट मीडिया व समाचार चैनल के माध्यम से यूजीसी के नए नियम को लेकर मेरे विरुद्ध कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। बिना मेरा पक्ष जाने ऐसा कैंपेन चलाया जाना दुर्भाग्य पूर्ण है।

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IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 8 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।