ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री ने सभी के लिए सुरक्षित, समावेशी और न्यायसंगत एआई पर जोर दिया

ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री ने सभी के लिए सुरक्षित, समावेशी और न्यायसंगत एआई पर जोर दिया

ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री ने सभी के लिए सुरक्षित, समावेशी और न्यायसंगत एआई पर जोर दिया
Modified Date: February 20, 2026 / 03:38 pm IST
Published Date: February 20, 2026 3:38 pm IST

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने सभी के लिए सुरक्षित, समावेशी और न्यायसंगत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपलब्ध कराने के महत्व पर शुक्रवार को जोर दिया।

लैमी ने राष्ट्रीय राजधानी के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि एआई के मामले में दुनिया के सामने दो पहलू हैं, पहला-जिसमें एआई लोगों से ताकत और अवसर छीन लेता है तथा “हमें विभाजित करता है” और दूसरा-जिसमें एआई का इस्तेमाल समस्याओं को हल करने और पूरी मानवता को ऊपर उठाने के लिए एक सकारात्मक शक्ति के रूप में किया जाता है।

‘सभी की भाषा बोलना : समावेशी एआई अवसरों की कुंजी’ सत्र में लैमी ने एआई से जुड़ी कुछ परियोजनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें ‘एशिया एआई डेवलपमेंट ऑब्जर्वेटरी’ शामिल है, जो जिम्मेदार एआई शासन सुनिश्चित करने वाला एक नया नेटवर्क होगा।

उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं और साथ ही उभर रहे कई नये संस्थान एवं गठबंधन यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं कि “हम सही रास्ते पर चलें। यह रास्ता सुरक्षित एआई, समावेशी एआई और सबसे महत्वपूर्ण बात सभी के लिए न्यायसंगत एआई का है।”

ब्रिटिश सरकार ने सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि ‘एआई इंपैक्ट समिट’ के दौरान उसका ध्यान इस बात पर होगा कि एआई किस तरह विकास को रफ्तार दे सकता है, रोजगार के नये अवसर सृजित कर सकता है, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार ला सकता है और दुनियाभर के लोगों को लाभ पहुंचा सकता है।

भाषा पारुल मनीषा

मनीषा


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