प्रकृति से मातृत्व जैसा स्नेह दिखाती है बिश्नोई समाज की ये तस्वीर

प्रकृति से मातृत्व जैसा स्नेह दिखाती है बिश्नोई समाज की ये तस्वीर

प्रकृति से मातृत्व जैसा स्नेह दिखाती है बिश्नोई समाज की ये तस्वीर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:08 pm IST
Published Date: November 24, 2017 12:35 pm IST

आज पर्यावरण और प्रकृति के प्रति लोगों की संवेदनशीलता में कमी आ रही है. हम अपने आपको पर्यावरण के लिए समर्पित होने का स्वांग भी रचते हैं. कई प्रकार के जागरुकता कैंपेन चलाये जाते हैं. हर साल पर्यावरण दिवस के दिन सभी शपथ लेते हैं और प्रकृति की रक्षा करने की अपील की जाती है. इसके बावजूद भी लोगों के जेहन में शायद ही प्रकृति प्रेम की भावना जगती हो..लेकिन, हम आपको दिखाने जा रहे हैं एक ऐसी तस्वीर, जिसे देखकर आप ये महसूस करेंगे कि अभी भी ऐसे लोगों की कमी नहीं, जिनका प्रेम मातृवत है, शाश्वत है। 

प्रकृति के करीब छत्तीसगढ़ का बारनवापारा

दरसअल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक फोटो काफी वायरल हो रही है. यह फोटो मिशलिन शेफ विकास खन्ना ने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर अपलोड की है. इस फोटो में एक महिला हिरण के बच्चे को मां की तरह दूध पिला रही है. इस फोटो में विकास ने बताया है कि इस महिला ने कई हिरण के बच्चों को मरने से बचाया है. यह फोटो पर्यावरण के लिए सजग और प्रकृति से घनिष्ठता से जुड़ा माने जाने वाले राजस्थान के बिश्नोई समाज की एक महिला की है. कहा जाता है कि बिश्नोई समाज की महिलाएं न सिर्फ जानवरों को पालती हैं, बल्कि अपने बच्चे की तरह उनका देखभाल करती हैं. सिर्फ महिलाएं ही नहीं, इस समाज के पुरुष भी लावारिस हिरण के बच्चों को घरों में परिवार की रखते हैं. 

आपको ये भी बता दें कि फिल्म अभिनेता सलमान खान के खिलाफ काला हिरण के शिकार मामले में बिश्नोई समाज ने अदालत में लंबी लड़ाई लड़ी है। बिश्नोई समाज हिरणों को अपने परिवार की तरह मानता है, इसीलिए इस समाज ने काला हिरण शिकार मामले में आरोपी सलमान खान को सजा दिलाने के लिए निचली से ऊपरी अदालत तक लड़ाई लड़ी। 

 

अर्जुन सिंह, IBC24


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