उन्नाव हिरासत मौत मामला: अदालत ने पूर्व विधायक की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा

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उन्नाव हिरासत मौत मामला: अदालत ने पूर्व विधायक की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा

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  • Publish Date - November 6, 2020 / 09:28 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:38 PM IST

नयी दिल्ली, छह नवम्बर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में दोषी ठहराए गए उत्तर प्रदेश के अयोग्य ठहराए गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर शुक्रवार को सीबीआई से जवाब मांगा। सेंगर को 10 वर्ष की कैद की सजा सुनायी गयी है।

न्यायमूर्ति विभु बखरू ने सीबीआई को नोटिस जारी किया और सेंगर की याचिका पर जवाब मांगा।

उच्च न्यायालय ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 10 नवम्बर की तारीख तय की है।

गौरतलब है कि उन्नाव में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के जुर्म में सेंगर को ‘‘आजीवन कैद’’ की सजा सुनाई गई है। बलात्कार के मामले में दोषी पाए जाने के बाद 25 फरवरी को सेंगर की उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।

बलात्कार पीड़िता के पिता को सेंगर के कहने पर सशस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और पुलिस की बर्बरता की वजह से उनकी नौ अप्रैल 2018 को हिरासत में मौत हो गई थी।

सेंगर, उसके भाई और पांच अन्य को चार मार्च को पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में निचली अदालत ने दोषी ठहराया था और 13 मार्च को उन्हें 10 साल कैद की सजा सुनाई थी।

निचली अदालत ने सेंगर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

वकील कन्हैया सिंघल के जरिए सेंगर ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करने की मांग की थी।

सेंगर ने आपनी याचिका में यह भी दावा किया था, यह दो राजनीतिक गुटों के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और गहरी दुश्मनी का मामला है।

सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने कहा कि इसी प्राथमिकी से जुड़ी अन्य याचिकाएं भी उच्च न्यायालय में अन्य पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए लंबित हैं।

न्यायमूर्ति बखरू ने कहा कि अन्य न्यायमूर्ति के समक्ष लंबित अन्य मामलों के साथ ही इस अपील पर भी 10 नवम्बर को सुनवाई की जाए।

भाषा निहारिका अविनाश

अविनाश