सूरत। देश में इस समय मजदूरों के घर वापसी का मुद्दा गरमाया हुआ है। लॉकडाउन 2.0 के खत्म होने के बाद आज घर जाने सैकड़ों की संख्या में मजदूर सड़क पर आ गए। हंगामा करने लगे। लॉकडाउन के दिशानिर्देशों का भी उल्लंघन किया। वहीं जब पुलिस की टीम सभी लोगों को समझाने पहुंची तो मामला और ही बिगड़ गया।
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सूरत, ‘बिहार का रहने वाला हूं यहां मील में काम करता हूं। अभी तक हमें मार्च की पगार भी नहीं मिली है। खाने का ठिकाना नहीं है, सरकार ने कोई सुविधा नहीं दी है। पुलिस वाला आता है, मारता है, डराता है और जाता है: प्रवासी मजदूर #गुजरात https://t.co/bmrqcBK3aI pic.twitter.com/rrHjDuWrO1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 4, 2020
एक मजदूर ने कहा कि बिहार का रहने वाला हूं यहां मील में काम करता हूं। अभी तक हमें मार्च की पगार भी नहीं मिली है। खाने का ठिकाना नहीं है, सरकार ने कोई सुविधा नहीं दी है। पुलिस वाला आता है, मारता है, डराता है और जाता है।
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#WATCH सूरत, प्रवासी मजदूरों को अपने राज्य वापिस जाने के लिए किसी तरह की यातायात सुविधा न मिलने पर उन्होंने हंगामा किया। उन्होंने लॉकडाउन के दिशानिर्देशों का भी उल्लंघन किया। #गुजरात pic.twitter.com/uj6gBc5EQ6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 4, 2020
इस दौरान भड़के मरीजों ने पुलिस पर ही पथराव करना शुरू कर दिया। इसके बाद हालात पर काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों की घर वापसी के लिए श्रम स्पेशल ट्रेन चला रही है। लेकिन इसका फायदा नहीं मिलने से भड़के श्रमिकों ने विरोध प्रदर्शन कर अपनी बात सरकार तक पहुंचाई है।
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