Big Picture With RKM | Photo Credit: IBC24
रायपुर: Big Picture With RKM नीट पेपर लीक मामले में आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी दी। NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने यह फैसला लिया। अब सवाल है कि ऐसा क्या हुआ कि कुछ घंटों में या चंद दिनों में सरकार को एक तरह से झुकना पड़ा और इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा?
Big Picture With RKM यह भी कहा जा सकता है कि सरकार झुक गई या यह भी कहा जा सकता है कि सरकार का यह एक स्ट्रेटेजिक मूव है। सरकार के सामने इस समय कुछ बड़े लार्जर गोल्स हैं। (The Big Picture With RKM) बिगर गोल्स हैं जिनको वो इस पार्लियामेंट सेशन में अचीव करना चाहती है। जैसे कि तीन बड़ी चीजें हैं। पहली डीलिमिटेशन बिल है। दूसरा वुमस रिजर्वेशन बिल है और तीसरा वन नेशन वन इलेक्शन।
सरकार का यह मानना है कि अगर 2029 में उसको चुनाव जीतना है और मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाना है तो महिलाओं के वोट बहुत इंपॉर्टेंट होंगे। जिसको कि वो महिला रिजर्वेशन जो बिल है उसके थ्रू पा सकती है। दूसरा जो डीलिमिटेशन क्योंकि अगर 33% सीट महिलाओं को देनी है, तो पार्लियामेंट की सीट बढ़ानी पड़ेगी और पिछले कुछ दिनों से हम देख रहे थे, कि किस तरीके से अमित शाह और दूसरे मंत्री लगे हुए थे कि इस सरकार को 2/3 मेजॉरिटी मिल जाए। क्योंकि पिछले सेशन में यह बिल गिर चुके हैं।
तो सरकार की जो प्राथमिकताएं हैं इस समय ये थी कि जो अगला चुनाव 2029 में हो और उससे पहले जो यूपी का इलेक्शन हो उसको कैसे जीता जाए। उसका लक्ष्य ज्यादा इंपॉर्टेंट था ना कि एक ये जो छात्रों का आंदोलन जो कि उनके कंट्रोल से बाहर निकलता दिखाई दे रहा था और उनका जो कोर वोटर है मिडिल क्लास वोटर है, उसको अफेक्ट कर रहा था। इसलिए सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना उचित समझा।
यह बात सही है कि कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। लेकिन यह भी देखा है कि कई मुद्दों पर इस सरकार ने हमको और जनता को बार-बार चौंकाया है, जो इस बार भी हुआ। अब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। अब पार्लियामेंट सोमवार से सुचारू रूप से चलेगी। जंतर मंतर भी खाली हो जाएगा और सरकार अपने लक्ष्य की तरफ चल पड़ेगी।