बंगाल में डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया में अड़चन, यूपीएससी ने लौटाई पैनल की सूची
बंगाल में डीजीपी नियुक्ति की प्रक्रिया में अड़चन, यूपीएससी ने लौटाई पैनल की सूची
कोलकाता, छह जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति में रुकावट आ गई है, क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य सरकार से मिली पैनल की सूची को प्रस्ताव जमा करने में हुई प्रक्रियागत देरी का हवाला देते हुए लौटा दिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब मौजूदा डीजीपी राजीव कुमार का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म होने वाला है।
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘राज्य सरकार ने नए डीजीपी या पुलिस बल प्रमुख को चुनने के लिए एक ‘एम्पैनलमेंट कमेटी मीटिंग’ (ईसीएम) का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, यूपीएससी ने प्रक्रिया में गड़बड़ियों और पैनल जमा करने में देरी का हवाला देते हुए प्रस्ताव लौटा दिया।’’
नियमों के मुताबिक, रिक्ति होने से तीन महीने पहले प्रस्ताव देना चाहिए, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने 18 महीने बाद प्रस्ताव भेजा।
डीजीपी की नियुक्ति के नियम के मुताबिक, राज्य सरकार मौजूदा पुलिस महानिदेशक की सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले पात्र आईपीएस अधिकारियों की सूची यूपीएससी की ‘एम्पैनलमेंट कमेटी’ को भेजती है। इसके बाद समिति तीन (कुछ मामलों में, दो) नाम चयनित करती है और राज्य को भेजती है। राज्य सरकार उनमें से एक को डीजीपी नियुक्त करती है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पात्र अधिकारियों की एक सूची यूपीएससी को पहले ही भेज दी गई थी, लेकिन आयोग ने प्रस्ताव को मंज़ूरी नहीं दी।’’
उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल सरकार ने पिछले साल 16 जुलाई और 23 जुलाई को यूपीएससी को चिट्ठी लिखकर डीजीपी पद के लिए पैनल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी।
यह रिक्ति 27 दिसंबर, 2023 को मनोज मालवीय के सेवानिवृत्त होने के बाद हुई थी, जिसके बाद राजीव कुमार को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था।
भाषा वैभव दिलीप
दिलीप

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