जयपुर, 21 जून (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को अधिकारियों को सिरोही जिले के आबू राज के पर्यटन, धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए उसके समग्र विकास का विस्तृत खाका तैयार करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार ने मरुस्थलीय प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन और प्रमुख पर्यटन स्थल ‘माउंट आबू’ का नाम बदलकर ‘आबू राज’ कर दिया है।
आबू राज विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों को समन्वित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य सचिव और संभागीय आयुक्त को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आबू राज में शहरी विकास, सड़क, पार्किंग और परिवहन से जुड़ी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को नक्की झील के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ प्रकाश व्यवस्था, सीढ़ियों की मरम्मत, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास कार्य करने के निर्देश दिए।
आबू राज को ऋषि-मुनियों और संतों की तपोभूमि बताते हुए शर्मा ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र के मंदिरों का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आबू राज में ‘‘विरासत के साथ विकास’’ के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्ध है।
बैठक में विवेकानंद पार्क के सौंदर्यीकरण, गुरु शिखर के सुदृढ़ीकरण एवं विकास, अर्बुदा माता मंदिर और दत्तात्रेय मंदिर में विकास कार्यों, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने तथा भारत माता नमन स्थल को नमो उद्यान के रूप में विकसित करने सहित विभिन्न प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने हिल स्टेशन के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति की भी समीक्षा की और कहा कि विकास समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
भाषा बाकोलिया शफीक
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