नयी दिल्ली, नौ नवंबर (भाषा) अमेरिका-भारत रक्षा संबंध ‘‘शानदार रास्ते’’ पर हैं और दोनों देशों के बीच ‘टू प्लस टू’ विदेश एवं रक्षा मंत्री स्तरीय वार्ता इस बात का बड़ा प्रमाण है कि इन्हें आगे बढ़ाने को कितना महत्व दिया गया है। अमेरिका के एक पूर्व वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने यह बात कही।
भारत और अमेरिका शुक्रवार को नयी दिल्ली में ‘टू प्लस टू’ विदेश एवं रक्षा मंत्री स्तरीय वार्ता के अगले संस्करण में दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ते रणनीतिक संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के ‘इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस’ (आईडीईएक्स) और अमेरिकी रक्षा विभाग ने भारत-अमेरिका के बीच ‘टू प्लस टू’ मंत्रिस्तरीय वार्ता से पहले बुधवार को नयी दिल्ली में पहले आईएनडीयूएस-एक्स निवेश सम्मेलन का आयोजन किया।
दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए अमेरिका के पूर्व उप सहायक रक्षा मंत्री जोसेफ एच फेल्टर ने सम्मेलन से इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘अमेरिका-भारत संबंधों से ज्यादा महत्वपूर्ण रिश्ता कहीं और नहीं है। रक्षा संबंध पिछले कुछ समय से वास्तव में व्यापक अमेरिका-भारत संबंधों के वास्तविक चालक रहे हैं।’’
फेल्टर ने कहा, ‘‘2016 में जब भारत को एक प्रमुख रक्षा भागीदार नामित किया गया था, उसके बाद से हम, 2008 में शून्य रक्षा व्यापार से बढ़कर आज 20 अरब अमेरिकी डालर से अधिक के कारोबार पर पहुंच गए हैं…। इसलिए अमेरिका-भारत रक्षा संबंध वास्तव में शानदार रास्ते पर हैं और ‘टू प्लस टू’ वार्ता इस बात का प्रमाण है कि दोनों पक्ष इन संबंधों को और आगे बढ़ाने को कितना महत्व दे रहे हैं।’’
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ‘टू प्लस टू’ वार्ता के लिए भारत आ रहे हैं। इस वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
भाषा
पारुल मनीषा
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