Mayawati Statement on NEET Protest: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सामने आया मायावती का बयान.. Tweet में कही भी नहीं ‘मोदी सरकार’ का जिक्र, छोटे दलों को लपेटा

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Mayawati Statement on NEET Protest: जंतर-मंतर आंदोलन पर मायावती का बयान, राजनीतिकरण पर जताई चिंता, सरकार और आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण समाधान की अपील।

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 10:10 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 10:11 PM IST

Mayawati Statement on NEET Protest || Image- AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • मायावती ने आंदोलन के राजनीतिकरण पर सवाल उठाए।
  • ट्वीट में केंद्र सरकार पर सीधा हमला नहीं।
  • सरकार और आंदोलनकारियों से समाधान की अपील।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा की मुखिया मायावती ने कॉकरोच जनता पार्टी के अगुवाई में हुए संसद मार्च, हिंसा और बवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। (Mayawati Statement on NEET Protest) उन्होंने अपने ट्वीट में डॉ बीआर अम्बेडकर से लेकर, आंदोलन के राजनीतिकरण, पेपर लीक और भ्रष्टाचार का जिक्र किया है। हालांकि उन्होंने अपने ट्वीट में कही भी केंद्र की मोड सरकार अपर सीधा हमला नहीं बोला है, जबकि आंदोलन के सहयोगी बने छोटे क्षेत्रीय सियासी दलों के आड़े हाथ लिया है।

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क्या लिखा है मायावती ने?

मायावती ने लिखा है, “काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त हंगामा बरपा है और अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना ज़रूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।”

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चर्चा

उन्होएँ आगे लिखा, ‘वैसे चाहे पूरे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर आल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है। (Mayawati Statement on NEET Protest) इसके साथ ही यह संवैधानिक नैतिकता से भी जुड़ा मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने गुड गवरनेन्स हेतु इस पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया है।”

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बीएसपी चीफ मायावती ने आगे लिखा, “संक्षेप में मेरा यही कहना है कि देश व जनहित से जुड़े वर्तमान विकट हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सरकार तथा माननीय कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिये तो यह बेहतर होगा। साथ ही, सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में राजनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर इसका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।”

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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने कहा कि परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चल रहे आंदोलन का राजनीतिकरण होने से स्थिति टकरावपूर्ण बन गई है। उन्होंने सरकार और आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।

क्या मायावती ने अपने बयान में मोदी सरकार का नाम लिया?

उपलब्ध बयान के अनुसार, मायावती ने अपने ट्वीट में केंद्र की मोदी सरकार का नाम लेकर सीधा हमला नहीं किया। उन्होंने आंदोलन के राजनीतिकरण और संवैधानिक नैतिकता पर अधिक जोर दिया।

मायावती ने भ्रष्टाचार को लेकर क्या टिप्पणी की?

मायावती ने कहा कि पेपर लीक और अन्य विवाद भ्रष्टाचार की समस्या से जुड़े हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संवैधानिक नैतिकता और सुशासन के विचारों का भी उल्लेख किया।