वर्ष 2023 में देश में मृत शिशु जन्म के मामलों में आधे उत्तर प्रदेश और बिहार में दर्ज हुए: विश्लेषण

वर्ष 2023 में देश में मृत शिशु जन्म के मामलों में आधे उत्तर प्रदेश और बिहार में दर्ज हुए: विश्लेषण

वर्ष 2023 में देश में मृत शिशु जन्म के मामलों में आधे उत्तर प्रदेश और बिहार में दर्ज हुए: विश्लेषण
Modified Date: July 29, 2026 / 07:30 pm IST
Published Date: July 29, 2026 7:30 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) ‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया’ में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, 2023 में भारत में मृत शिशु के जन्म लेने के कुल मामलों में से आधे उत्तर प्रदेश और बिहार से सामने आए।

अनुमानों से यह भी पता चलता है कि 2023 में भारत में 22 सप्ताह के गर्भ के बाद लगभग 5,65,900 और 28 सप्ताह के गर्भ के बाद लगभग 3,47,300 मृत बच्चों का जन्म हुआ।

गर्भावस्था के क्रमशः 22 हफ्ते या उससे अधिक और 28 हफ्ते या उससे अधिक की गर्भावस्था अवधि पर मृत शिशु जन्म दर क्रमशः 25.9 और 16.1 रही।

‘इंडिया स्टेट-लेवल डिजीज बर्डन इनिशिएटिव स्टिलबर्थ कोलैबोरेटर्स’ से जुड़े शोधकर्ताओं ने कहा कि 28 सप्ताह या उससे अधिक की अवधि वाली परिभाषा के आधार पर देश में मृत शिशु जन्म के वास्तविक आंकड़े का काफी कम आकलन होता है।

भारत में गर्भावस्था के 22 सप्ताह या उससे अधिक की अवधि के आधार पर मृत शिशु जन्म की अनुमानित दर, 28 सप्ताह या उससे अधिक की अवधि के आधार पर आंकी गई दर से 1.6 गुना अधिक पाई गई। अंतरराष्ट्रीय तुलना के लिए आमतौर पर 28 सप्ताह या उससे अधिक की अवधि वाली परिभाषा का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने कहा कि इसलिए भारत में मृत शिशु जन्म के भार से निपटने के लिए बेहतर निगरानी, ​​22 हफ्ते या उससे ज्यादा की सीमा के आधार पर मृत शिशु जन्म की निगरानी करने तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य से जुड़ी व्यापक पहलों में मृत शिशु जन्म की रोकथाम के उपायों को शामिल करने की जरूरत है।

टीम ने सर्वेक्षणों, प्रकाशित अध्ययनों और नमूना पंजीकरण प्रणालियों सहित 122 स्रोतों से आंकड़े एकत्र कर उनका विश्लेषण किया।

अध्ययन के लेखकों ने लिखा, ‘‘दोनों परिभाषाओं के आधार पर मृत शिशु जन्म दर इन राज्यों में चार गुना तक अलग-अलग थी। यह मिजोरम में 9.3 से लेकर उत्तर प्रदेश में 38.2 तक थी। उत्तर प्रदेश और बिहार में देश के मृत शिशु के जन्म के कुल मामलों में से लगभग आधे मामले दर्ज किए गए।’’

शोधकर्ताओं ने मृत शिशु जन्म दर और नीति आयोग द्वारा विकसित सतत विकास लक्ष्य-3 सूचकांक के अंकों के बीच मामूली प्रतिकूल सह-संबंध भी पाया। सतत विकास लक्ष्य-3 संयुक्त राष्ट्र के ‘बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाली’ के लक्ष्य से संबंधित है।

भाषा सुरभि सुरेश

सुरेश


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