देहरादून, 30 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने 56 विद्यालयों के जर्जर भवनों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, चिन्हित 64 जर्जर स्कूली भवनों में से 56 को ध्वस्त कर दिया गया जबकि बाकी बचे आठ भवनों को गिराने की कार्रवाई जारी है।
उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर यह कार्रवाई पूरी होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्कूली बच्चों के जीवन और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिया था, जिसपर जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गयी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, ध्वस्त की गई इमारतों में से 52 प्राथमिक और चार माध्यमिक विद्यालय के भवन शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, 17 जर्जर कक्षाओं में से 14 को गिरा दिया गया और शेष तीन को 30 दिनों के भीतर ध्वस्त कर दिया जाएगा।
चकराता ब्लॉक में 23 विद्यालयों के भवनों को ध्वस्त किया गया जबकि कालसी व डोईवाला में 17-17, रायपुर में 14, विकासनगर में आठ और सहसपुर में 21 भवन ढहाए गए।
जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें तकनीकी कारणों से ध्वस्त न किए जा सकने वाले 11 आंशिक या पूर्णतः जर्जर ढांचों को गिराने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा गया है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसलिए विद्यालयों के जर्जर भवनों के ध्वस्त किये जाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
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