उत्तराखंड : कोटद्वार प्रकरण में दीपक को चंदे का ब्योरा देने का निर्देश
उत्तराखंड : कोटद्वार प्रकरण में दीपक को चंदे का ब्योरा देने का निर्देश
नैनीताल, 17 मार्च (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोटद्वार प्रकरण में स्वयं को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाले जिम संचालक दीपक कुमार से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जनवरी में हुई घटना से संबंधित सभी प्राथमिकी की जांच पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने दीपक को भी अपने बैंक खाते में प्राप्त कुल धनराशि का विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत करने को कहा। दीपक का कहना है कि 26 जनवरी की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें 100 से 500 रुपये तक के छोटे-छोटे दान मिल रहे हैं।
मामले के अनुसार, 26 जनवरी को कोटद्वार में बजरंग दल के कार्यकर्ता एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद द्वारा दुकान का नाम ‘बाबा’ रखने पर आपत्ति जता रहे थे। इस दौरान दीपक ने आगे आकर अहमद का समर्थन किया था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दीपक ने नाम बदलने की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुकान 30 साल से अधिक पुरानी है। जब भीड़ ने उनकी पहचान पूछी, तो उन्होंने कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।”
इस घटना के बाद कमल प्रसाद की शिकायत पर 28 जनवरी को दीपक और उनके सहयोगी विजय रावत के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
दीपक ने प्राथमिकी निरस्त करने, परिवार की सुरक्षा और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सुरक्षा और विभागीय जांच की मांग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जांच कानून के अनुसार ही की जानी चाहिए।
अदालत ने राज्य सरकार को जांच की वर्तमान स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
भाषा
सं, दीप्ति रवि कांत

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