Uttarakhand Flood 2026: यहां कुदरत का कहर! अचानक आई बाढ़ में बह गया पुल, गाड़ी समेत BRO का ड्राइवर भी लापता

Uttarakhand Flood 2026: यहां कुदरत का कहर! अचानक आई बाढ़ में बह गया पुल, गाड़ी समेत BRO का ड्राइवर भी लापता

Uttarakhand Flood 2026: यहां कुदरत का कहर! अचानक आई बाढ़ में बह गया पुल, गाड़ी समेत BRO का ड्राइवर भी लापता

Uttarakhand Flood 2026 | Photo Credit: AI

Modified Date: August 11, 2026 / 12:44 pm IST
Published Date: August 11, 2026 12:44 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बेली ब्रिज बहा, नीती घाटी का संपर्क टूटा
  • BRO चालक लापता
  • 12 जिलों में बाढ़ अलर्ट

गोपेश्वर/देहरादून: Uttarakhand Flood 2026 उत्तराखंड में चमोली जिले की नीती घाटी को जोड़ने के लिए तमक नाले पर बना ‘बेली ब्रिज’ (Bailey Bridge Washed Away) सोमवार शाम अतिवृष्टि के कारण नाले में आयी बाढ़ के साथ बह गया (Chamoli Flood) जबकि इस दौरान सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का एक वाहन चालक भी पानी के तेज बहाव में बहकर लापता हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

Uttarakhand Flood 2026 तमक नाले में आयी बाढ़ का तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के साथ निचले क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक, सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

इस पुल के बह जाने से तमक से आगे जुम्मा से लेकर नीती समेत करीब 12 गांव और सीमा क्षेत्र का सड़क संपर्क टूट गया है। पिछले कई वर्षों से तमक नाले में बाढ़ और भूस्खलन के कारण जोशीमठ-नीती मोटर सड़क बाधित होती रही है। तमक नाले में बाढ़ के मलबे के कारण अनेक बार उसके समीप स्थित धौली गंगा में अवरोध उत्पन्न हुआ है। चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन के जोशी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) से सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाले मलारी—नीति राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना बेली ब्रिज तमक नाले की बाढ़ में बह गया है।

उन्होंने बताया कि बीआरओ की ओर से वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है और एक-दो‌ दिन में आवागमन की व्यवस्था हो जाएगी । ज्योतिर्मठ के तहसीलदार महेंद्र आर्य ने मीडिया को बताया कि तमक नाले में आयी बाढ़ में बीआरओ का एक वाहन चालक भी बहकर लापता हो गया। उन्होंने बताया कि लापता चालक का नाम पंकज है जो नदी की बाढ़ का अवलोकन करते समय अचानक बहे पुल की चपेट में आकर बह गया। उन्होंने बताया कि पंकज पिथौरागढ़ जिले का रहने वाला है। इसके अलावा, नाले में आयी बाढ़ में एक वाहन भी बह गया है। कुछ साल पूर्व तमक नाले पर बना पक्का पुल बाढ़ की चपेट में आ गया था जिसके बाद बीआरओ ने ‘बेली ब्रिज’ के जरिए आवागमन शुरू कराया था।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर मलारी की ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है जबकि प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। तमक नाले में बढ़े जल प्रवाह के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से मुनादी कर लोगों को सावधानी बरतने और नदी-नालों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

इस बीच, मुख्यमंत्री ने तमक नाले में आयी बाढ़ का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से जानकारी ली तथा अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य के साथ निचले क्षेत्रों में एहतियाती उपाय करने को कहा। उन्होंने पुल बहने के कारण आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न होने देने के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उधर, मौसम विज्ञान विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन स्थित ‘श फ्लड गाइडेंस सेल’ उत्तराखंड के लिए अगले 24 घंटों में अचानक बाढ़ आने के खतरे का बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार 11 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे तक प्रदेश के 12 जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ आने का जोखिम है।

बुलेटिन के अनुसार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी तथा पौड़ी गढ़वाल में अगले 24 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आ सकती है। प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव सुमन ने कहा कि मौसम विभाग एवं अन्य तकनीकी संस्थानों से प्राप्त पूर्व चेतावनियों के आधार पर राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि मौसम खराब होने अथवा लगातार बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें। अपील में लोगों से नदी, नालों, गदेरों एवं बरसाती जलधाराओं के समीप जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है।

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IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।