चेक बाउंस मामलों में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने फास्ट ट्रैक प्रणाली शुरू की

चेक बाउंस मामलों में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने फास्ट ट्रैक प्रणाली शुरू की

चेक बाउंस मामलों में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने फास्ट ट्रैक प्रणाली शुरू की
Modified Date: January 6, 2026 / 12:41 am IST
Published Date: January 6, 2026 12:41 am IST

नैनीताल, पांच जनवरी (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में चेक बाउंस मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं ।

रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता द्वारा जारी एक सर्कुलर में आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग और अदालती प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर जोर दिया गया है।

न्यायालय ने निर्देश दिया है कि चेक बाउंस के मामलों में समन अब केवल पारंपरिक माध्यमों से ही नहीं भेजे जाएंगे । उत्तराखंड इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया नियम, 2025 के तहत, समन अब ईमेल, मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं।

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शिकायत दर्ज कराते समय, शिकायतकर्ता को आरोपी के ईमेल और व्हाट्सऐप विवरण के साथ-साथ इस जानकारी की प्रामाणिकता के संबंध में एक अनिवार्य हलफनामा भी देना होगा।

‘त्वरित सुनवाई’ सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने प्रक्रियात्मक बदलाव भी किए हैं । अब, प्रत्येक शिकायत के साथ एक निर्धारित प्रारूप में सारांश संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिसे न्यायालय के कर्मचारी कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज करेंगे ।

आरोपियों को शीघ्र राहत प्रदान करने के लिए, न्यायालय ने ऑनलाइन भुगतान का विकल्प शुरू किया है। समन में अब भुगतान लिंक के साथ ऑनलाइन भुगतान सुविधा का स्पष्ट उल्लेख होगा। आरोपी सीएनआर नंबर या केस संबंधी जानकारी दर्ज करके सीधे चेक की राशि जमा कर सकेंगे। यदि आरोपी इस सुविधा के माध्यम से भुगतान करते हैं, तो न्यायालय आपसी समझौते से इस मामले को बंद कर सकते हैं ।

ये निर्देश हाल में उच्चतम न्यायालय के एक निर्णय के अनुपालन में जारी किए गए हैं जिसमें शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि देशभर में चेक बाउंस के लाखों मामले लंबित हैं जिससे न्यायिक प्रणाली पर भारी बोझ पड़ रहा है ।

भाषा सं दीप्ति नोमान

नोमान


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