उपराष्ट्रपति की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में केंद्रीय प्रोटोकॉल के तहत गाया जाएगा वंदे मातरम्: सतीशन

उपराष्ट्रपति की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में केंद्रीय प्रोटोकॉल के तहत गाया जाएगा वंदे मातरम्: सतीशन

उपराष्ट्रपति की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में केंद्रीय प्रोटोकॉल के तहत गाया जाएगा वंदे मातरम्: सतीशन
Modified Date: September 2, 2026 / 01:11 pm IST
Published Date: September 2, 2026 1:11 pm IST

तिरुवनंतपुरम, दो सितंबर (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को कहा कि जब राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री किसी सरकारी कार्यक्रम में शामिल होंगे, तो राज्य सरकार केंद्र द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करेगी। साथ ही उन्होंने वंदे मातरम् के गायन को लेकर अपनी पार्टी के रुख को भी दोहराया।

यह बयान यहां हाल ही में सप्ताहभर चले ओणम समारोह के समापन कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर उठे विवाद के बीच आया।

इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर शामिल हुए थे।

इस विवाद पर एक सवाल का जवाब देते हुए सतीशन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों पर लागू केंद्रीय प्रोटोकॉल को राज्य सरकार खारिज नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा, ‘‘जब राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री किसी कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो प्रोटोकॉल केंद्र द्वारा तय किया जाता है। राज्य सरकार के पास उस प्रोटोकॉल को खारिज करने का अधिकार नहीं है।’’

सतीशन ने कहा कि केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि पार्टी के कार्यक्रमों और उसके द्वारा आयोजित अन्य कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, जब राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या प्रधानमंत्री राज्य सरकार के किसी कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो केंद्रीय प्रोटोकॉल लागू होता है और कार्यक्रम उसी के अनुसार आयोजित किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति को आमंत्रित करने में कुछ भी गलत नहीं है।

सतीशन ने कहा, ‘‘क्या हम उपराष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं कर सकते? हम राज्य सरकार के कार्यक्रमों में भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को आमंत्रित करेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है।’’

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 15 अगस्त को राज्य सरकार के किसी भी कार्यक्रम में कहीं भी वंदे मातरम् का गायन नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि देशभर में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) राज्य की कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार के खिलाफ वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर कड़ा विरोध कर रही है। विपक्ष ने सरकार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे के आगे झुकने का आरोप लगाया है।

माकपा की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मंगलवार को यहां केरल विश्वविद्यालय तक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के विरोध में किया गया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कुछ छात्र घायल हो गए। घटना की माकपा के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी आलोचना की।

भाषा गोला संतोष

संतोष


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