OBC Reservation Creamy Layer News Today: ओबीसी क्रीमी लेयर आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सुनकर खुशी से झूमने लगेंगे लोग, जानिए क्या कहा सर्वोच्च अदालत ने

OBC Reservation Creamy Layer News Today: ओबीसी क्रीमी लेयर आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सुनकर खुशी से झूमने लगेंगे लोग, जानिए क्या कहा सर्वोच्च अदालत ने

OBC Reservation Creamy Layer News Today: ओबीसी क्रीमी लेयर आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सुनकर खुशी से झूमने लगेंगे लोग, जानिए क्या कहा सर्वोच्च अदालत ने

OBC Reservation Creamy Layer News Today: ओबीसी क्रीमी लेयर आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सुनकर खुशी से झूमने लगेंगे लोग, जानिए क्या कहा सर्वोच्च अदालत ने / Image: AI Generated

Modified Date: September 2, 2026 / 01:44 pm IST
Published Date: September 2, 2026 1:42 pm IST
HIGHLIGHTS
  • OBC क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख
  • सिर्फ माता-पिता की आय आधार नहीं
  • 7 सितंबर को अगली सुनवाई

नई दिल्ली: OBC Reservation Creamy Layer News Today ओबीसी क्रीमी लेयर आरक्षण के मामले में सुनवाई करते हुए देश के सर्वोच्च अदालत ने अहम टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अपना रूख स्पष्ट करते हुए कहा है पिछली सुनवाई के दौरान हुए फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। बता दें कि मामले में अंतिम सुनवाई 11 मार्च को हुआ था, जिसके ये कहा गया था कि ओबीसी क्रीमी लेयर का निर्धारण सिर्फ माता-पिता की आय या मासिक वेतन के आधार पर नहीं किया जा सकता। यानि माता-पिता के आय के आधार पर बच्चे के आरक्षण का फैसला नहीं किया जा सकता है। फिलहाल मामले में अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को निर्देश देते हुए कहा है कि अपना जवाब तय तिथि तक प्रस्तुत करें।

ओबीसी क्रीमी लेयर आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

OBC Reservation Creamy Layer News Today मामले में सुनवाई जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच में हुई। पिछली सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि आय के साथ-साथ माता-पिता के पद, उनकी सामाजिक स्थिति और नौकरी की श्रेणी को भी मापदंड बनाया जाना चाहिए। कोर्ट की इस व्यवस्था के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बैंकों और निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चों को सिर्फ ज्यादा वेतन के आधार पर आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।

केंद्र सरकार ने कोर्ट में दिया ये जवाब

इस याचिका के जवाब में केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में एक स्पष्टीकरण याचिका दायर कर इस फैसले को लागू करने में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों का ब्योरा दिया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से UPSC परीक्षा 2025 की प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यूपीएससी के अनुशंसित 958 उम्मीदवारों के सर्विस एलोकेशन की प्रक्रिया पुराने नियमों के मुताबिक फाइनल स्टेज में थी। अगर इस फैसले को पिछली तारीख रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट से लागू किया जाता है, तो पूरी मेरिट लिस्ट, कैडर आवंटन (जैसे IAS, IPS) और ट्रेनिंग बुरी तरह प्रभावित होंगे। उन्होंने ये भी कहा कि इस फैसले से केंद्र के अलावा 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी भर्तियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ेगा।

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