वेंकैया ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाये जाने की निंदा की

वेंकैया ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाये जाने की निंदा की

वेंकैया ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाये जाने की निंदा की
Modified Date: January 7, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: January 7, 2026 10:09 pm IST

भुवनेश्वर, सात जनवरी (भाषा) पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने जेएनयू परिसर में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाये जाने की बुधवार को निंदा की और ऐसा करने वाले छात्रों को ‘‘गुमराह’’ बताया।

उन्होंने कहा कि नारेबाजी करने वाले छात्रों को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री को जनता ने चुना है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

नायडू ने यहां एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कहा, ‘‘नफरत किसी के जीवन का हिस्सा नहीं होना चाहिए। ऐसे में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और देश के खिलाफ नारे लगाने से उन छात्रों का कोई भला नहीं होने वाला है। उन्हें गुमराह किया जा रहा है।’’

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वेनेजुएला से जुड़े एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए नायडू ने कहा, ‘‘किसी भी देश को दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अमेरिका को अन्य देशों के मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है, न केवल वेनेजुएला के मामलों में बल्कि अन्य देशों के मामलों में भी। अमेरिका ने गलत किया है।’’

उत्कल संस्कृति विश्वविद्यालय के 27वें स्थापना दिवस के समापन समारोह को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि संस्कृति सही मायने में तभी फलती-फूलती है जब वह सामाजिक सद्भाव, पर्यावरणीय स्थिरता, श्रम की गरिमा और समावेशी विकास जैसी वास्तविक मानवीय चिंताओं से जुड़ती है।

सभा को संबोधित करते हुए ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने कहा, ‘‘संस्कृति केवल संरक्षण की वस्तु नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत संसाधन है जो रोजगार सृजित कर सकती है, सामाजिक एकता को मजबूत कर सकती है और सतत विकास में योगदान दे सकती है।’’

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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