विहिप का पाक-बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ संरा से हस्तक्षेप का आह्वान
विहिप का पाक-बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ संरा से हस्तक्षेप का आह्वान
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की अध्यक्ष एनालेना बेरबॉक की भारत यात्रा से एक दिन पहले सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अंतरराष्ट्रीय संगठन से पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के ‘लगातार मानवाधिकार उल्लंघन’ के खिलाफ हस्तक्षेप करने का आह्वान किया।
बेरबॉक को लिखे पत्र में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने दोनों देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू, सिख, बौद्ध और ईसाई समुदायों के खिलाफ कथित उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और हिंसा के मामलों पर प्रकाश डाला।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र की हालिया रिपोर्टों और विशेषज्ञों के अवलोकनों का हवाला देते हुए पत्र में ‘पाकिस्तान में नाबालिग लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और विवाह के मामलों में चिंताजनक वृद्धि’ का उल्लेख किया गया है।
इसमें कहा गया है कि इन मामलों में अधिकांश पीड़ित हिंदू और ईसाई समुदायों से संबंधित हैं, और इस तरह की घटनाएं विशेष रूप से सिंध प्रांत में अधिक बार दर्ज की गई हैं।
विहिप ने पत्र में लिखा है कि पीड़ितों को शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक शोषण का शिकार होना पड़ता है।
कुमार ने एक बयान में कहा, ‘‘पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा ऐसे मामलों में दी गई प्रतिक्रिया को भी अक्सर अपर्याप्त बताया गया है।’’
इसी तरह, पत्र में बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव के कई उदाहरणों का उल्लेख किया गया है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जबरन धर्मांतरण और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच, पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष तंत्र की स्थापना और संबंधित देशों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुसार जवाबदेह ठहराने की मांग की।
इसने महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनी और संस्थागत उपायों को लागू करने का भी आह्वान किया।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि संगठन ने संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व से इस मुद्दे को प्राथमिकता देने और प्रभावित समुदायों के जीवन, स्वतंत्रता, गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
इस पत्र की एक प्रति संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी भेजी गई है।
विदेश मंत्रालय ने पिछले शुक्रवार को घोषणा की थी कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की अध्यक्ष बेरबॉक 28 अप्रैल को भारत आ रही हैं, जब वह विदेश मंत्री के साथ पारस्परिक हित के प्रमुख बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगी।
भाषा संतोष माधव
माधव

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