विहिप ने आरएसएस पर टिप्पणी को लेकर प्रियंक खरगे पर निशाना साधा

विहिप ने आरएसएस पर टिप्पणी को लेकर प्रियंक खरगे पर निशाना साधा

विहिप ने आरएसएस पर टिप्पणी को लेकर प्रियंक खरगे पर निशाना साधा
Modified Date: July 28, 2026 / 09:39 pm IST
Published Date: July 28, 2026 9:39 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर की गई कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे की टिप्पणी को लेकर उन पर मंगलवार को निशाना साधा।

परिषद ने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक फायदे के लिए इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करती है और राष्ट्रवादी संगठनों को निशाना बनाती है।

विहिप की यह टिप्पणी उस समय आई, जब प्रियंक खरगे ने दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आरएसएस अपने पथ-संचलनों के लिए सुरक्षा चाहता है, तो उसे स्वयं को पंजीकृत कराना चाहिए और अपनी गतिविधियों का खुलासा करना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह संगठन उनके पत्र का जवाब नहीं देगा और इसके नेताओं को ‘डरपोक’ बताया।

खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने देश या उसके लोगों के लिए ‘‘कुछ भी नहीं’’ किया है।

उन्होंने दावा किया कि आरएसएस खुद को ‘‘सबसे बड़ा देशभक्त संगठन’’ बताता है और यह तय करते हुए कि कौन देशभक्त है और कौन राष्ट्र-विरोधी, लोगों को ‘‘देशभक्ति के प्रमाणपत्र’’ बांटता फिरता है।

खरगे ने कहा, ‘‘लेकिन सच्चाई यह है कि आरएसएस सबसे अधिक राष्ट्र-विरोधी संगठन है।’’

खरगे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से राष्ट्रवादी संगठनों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर एक जानी-पहचानी राजनीतिक रणनीति अपनाती रही है।

बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देश अब इस दुष्प्रचार और इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की पुरानी रणनीति को स्पष्ट रूप से पहचानता है। आरएसएस जैसे संगठन को बदनाम करने में 100 वर्ष बिताने के बाद भी, आपकी पार्टी की पूरी राजनीतिक स्थिति अप्रासंगिकता में बदल गई है, लेकिन फिर भी आप आत्मचिंतन करने के लिए तैयार नहीं दिखते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह विडंबना है कि जो लोग दशकों तक राष्ट्रीय हित से ऊपर वोट बैंक की राजनीति को रखते रहे, वे अब देशभक्ति के प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार जताने का दावा कर रहे हैं।’’

बंसल ने आरोप लगाया कि ‘‘झूठे आरोप’’ लगाने से इतिहास को कभी नहीं बदला जा सकता और खरगे का बयान ‘‘तथ्यों से परे’’ है तथा यह ‘‘राजनीतिक पूर्वाग्रह’’ को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने या किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता। देश जानता है कि राष्ट्र की सेवा का मूल्यांकन भाषणों से नहीं, बल्कि कार्यों से किया जाता है।’’

विहिप नेता ने आरोप लगाया कि ‘‘झूठ, चुनिंदा उद्धरण और राजनीतिक भ्रामक जानकारी’’ हमेशा से कांग्रेस की राजनीति की नींव रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाया, ‘‘संविधान का गला घोंटा, लोकतंत्र को कुचला और तुष्टीकरण की राजनीति को संस्थागत रूप दिया’’।

उन्होंने आरएसएस की आलोचना करने के लिए कांग्रेस पर सवाल उठाए।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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