सरकारी नियंत्रण से हिंदू मंदिरों को मुक्त कराने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगा विहिप: आलोक कुमार

सरकारी नियंत्रण से हिंदू मंदिरों को मुक्त कराने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगा विहिप: आलोक कुमार

सरकारी नियंत्रण से हिंदू मंदिरों को मुक्त कराने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगा विहिप: आलोक कुमार
Modified Date: August 7, 2026 / 01:18 pm IST
Published Date: August 7, 2026 1:18 pm IST

मंगलुरु (कर्नाटक), सात अगस्त (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि विहिप सरकार के नियंत्रण वाले हिंदू मंदिरों को श्रद्धालुओं और हिंदू समाज के सुपुर्द करने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगा।

कुमार ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि संगठन 2026 में देशभर में ‘मंदिर मुक्ति आंदोलन’ को तेज करेगा जिसके तहत हिंदू मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण समाप्त करने की मांग को लेकर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, सांसदों और विधायकों से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

उन्होंने बताया कि विहिप की प्रमुख शहरों में जनसभाएं आयोजित करने की भी योजना है। इन सभाओं में वरिष्ठ नागरिकों, धर्माचार्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को शामिल कर आंदोलन के पक्ष में जनसमर्थन जुटाया जाएगा।

मंदिर प्रशासन में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल देते हुए कुमार ने कहा कि मंदिरों का प्रबंधन पेशेवर ढंग से होना चाहिए। इसके लिए अनुभवी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति आवश्यक है, जो प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के दान के दुरुपयोग पर भी प्रभावी रोक लगा सकें।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास ने स्वयं इस कथित गबन का संज्ञान लिया, प्राथमिकी दर्ज कराई और विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। साथ ही कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध न्यायालय में त्वरित सुनवाई कर उसे सख्त सजा दी जानी चाहिए।

कुमार ने दावा किया कि अयोध्या प्रकरण में किसी भी साधु-संत का नाम सामने नहीं आया, लेकिन कुछ लोगों द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर विरोध-प्रदर्शन करने से सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचा।

उन्होंने कहा कि समाज और श्रद्धालु आगामी चुनावों में इसका उचित जवाब देंगे।

नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए विरोध-प्रदर्शन में वामपंथी संगठनों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कुमार ने दावा किया कि कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस को संकेत मिले हैं कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कई लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल थे।

भाषा सं राजेंद्र खारी

खारी


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