विहिप ने राम मंदिर मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच की निगरानी के न्यायालय के फैसले का किया स्वागत
विहिप ने राम मंदिर मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच की निगरानी के न्यायालय के फैसले का किया स्वागत
नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अयोध्या राममंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच की निगरानी करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का सोमवार को स्वागत किया और कहा कि इससे निष्पक्ष, व्यापक और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित होगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े विहिप ने लोगों से अफवाहें नहीं फैलाने और ऐसे बयान देने से बचने की अपील भी की, जिनसे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
विहिप की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या राममंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक किरण एस के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का सोमवार को संज्ञान लिया और उत्तर प्रदेश सरकार से जांच दल में एक फॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने को कहा।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि सुधारात्मक कदम उठाने होंगे और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
पीठ ने एसआईटी को दो सप्ताह में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक वीडियो बयान में कहा कि संगठन इस बात से ‘बहुत खुश’ है कि उच्चतम न्यायालय ने जांच की प्रगति की निगरानी करने पर सहमति जतायी है।
कुमार ने कहा कि शीर्ष अदालत ने एसआईटी को अगली सुनवाई की तारीख से पहले अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है और दो सप्ताह बाद मामले की फिर सुनवाई होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात से भी खुश हैं कि पिछली सुनवाई में हुई बातों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का पुनर्गठन किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘इस तरह यह सुनिश्चित किया गया है कि अयोध्या मंदिर से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष, व्यापक, पूर्ण और विश्वसनीय जांच होगी।’
कुमार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी में विश्वसनीय जांच जारी है, इसलिए एसआईटी के अलावा अन्य लोगों को इस मामले में बयान देने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘मैं एसआईटी के अलावा सभी अन्य लोगों से अनुरोध करूंगा कि वे मामले की स्थिति पर अपने बयान न दें, अफवाहें फैलाने की कोशिश न करें और भ्रम पैदा करने का प्रयास न करें।’
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुनवाई के दौरान दिए गए सुझाव को स्वीकार करने के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘सुनवाई के दौरान सुझाव आया था कि एसआईटी में एक फॉरेंसिक ऑडिट विशेषज्ञ और एक लेखा विशेषज्ञ को शामिल किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सुझाव को स्वीकार कर लिया।’’
भाषा अमित दिलीप
दिलीप

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