उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने हाथियों को बेहोश करने वाले ड्रोन का अनावरण किया

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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने हाथियों को बेहोश करने वाले ड्रोन का अनावरण किया

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 03:22 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 03:22 PM IST

तिरुवनंतपुरम, तीन मार्च (भाषा) बिना किसी मानवीय संपर्क के हिंसक हाथियों को शांत करने के वास्ते बनाया गया ड्रोन मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए स्वदेशी मानवरहित हवाई यान (यूएवी) प्रौद्योगिकी के उपयोग में एक मील का पत्थर है।

ड्रोन बनाने वाली कंपनी गरुड़ एयरोस्पेस ने एक बयान में यह जानकारी दी।

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने हाल ही में इस ड्रोन का अनावरण किया।

कंपनी की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यूएवी का अनावरण रविवार को केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी की उपस्थिति में किया गया जो वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में उन्नत हवाई प्रणालियों को एकीकृत करने के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करता है।

इसमें कहा गया है, ‘‘यह विशेष रूप से तैयार किया गया ड्रोन हाथियों को सुरक्षित और सटीक तरीके से बेहोश करने के अभियानों में सहायता के लिए विकसित किया गया है। यह हवा में रहकर अधिक सटीकता के साथ ट्रैंक्विलाइजेशन (बेहोश करने) की प्रक्रिया को संभव बनाता है।’’

विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘इस प्रणाली से वन कर्मियों के लिए जमीन पर मौजूद जोखिम में उल्लेखनीय कमी आती है, वन्यजीवों को होने वाला व्यवधान कम होता है और घायल, तनावग्रस्त या मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति वाले हाथियों से जुड़ी आपात कार्रवाइयों में संचालन की दक्षता बेहतर होती है।’’

बयान में कहा गया है कि करीब एक दशक पहले गरुड़ एयरोस्पेस द्वारा तमिलनाडु वन विभाग के लिए पहला ड्रोन डिजाइन किया गया था।

इसमें कहा गया है, ‘‘यह नवीनतम विशेष रूप से निर्मित समाधान वर्षों के जमीनी अनुभव, तकनीकी उन्नयन और मिशन-केंद्रित अनुसंधान एवं विकास के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।’’

बयान में यह भी कहा गया कि अतीत में गरुड़ एयरोस्पेस ने ‘वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर’ (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) सहित देशभर के कई प्रमुख संरक्षण संगठनों और विभिन्न राज्य वन विभागों को अनेक ड्रोन उपलब्ध कराए हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, इन तैनातियों ने वन्यजीव निगरानी, अवैध शिकार-रोधी अभियानों, आवास मानचित्रण और पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया मिशनों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

भाषा गोला नरेश

नरेश