नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को तमिल के प्रसिद्ध विद्वानों, विरासत, वास्तुकला और संस्कृति पर 13 किताबों का विमोचन किया।
इस सूची में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित बंकिम चंद्र चटर्जी पर एक पुस्तक भी शामिल है।
इन प्रकाशनों में रामेश्वरम और रामानुजा से लेकर प्राचीन बंदरगाह शहर अरिकामेडु तक, भक्ति साहित्य और संगम युग के संगीत वाद्ययंत्रों से लेकर मीनाक्षी अम्मन मंदिर और बृहदीश्वर मंदिर जैसी स्थापत्य कला की अद्भुत कृतियों तक, सभ्यता के व्यापक परिदृश्य को शामिल किया गया है।
भारत की सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि हालांकि यह कई भाषाओं का देश है, फिर भी ‘इसकी आत्मा एक है’।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व एक परिवार है) और ‘याधुम ऊरे यावरुम केलिर’ (हर जगह मेरा शहर है, हर व्यक्ति मेरा परिवार है) जैसा दर्शन भारत को एक साथ बांधने वाले साझा सभ्यतागत लोकाचार को दर्शाता है।
इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन उपस्थित थे।
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नोमान नरेश
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