विजयन ने निपाह वायरस से निपटने के तरीके को लेकर केरल सरकार की आलोचना की

विजयन ने निपाह वायरस से निपटने के तरीके को लेकर केरल सरकार की आलोचना की

विजयन ने निपाह वायरस से निपटने के तरीके को लेकर केरल सरकार की आलोचना की
Modified Date: June 14, 2026 / 04:01 pm IST
Published Date: June 14, 2026 4:01 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 14 जून (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने निपाह वायरस से निपटने के प्रयासों में ‘‘समन्वय की कमी’’ को लेकर रविवार को राज्य सरकार की आलोचना की और जन स्वास्थ्य संकट के दौरान स्वास्थ्य सेवा निदेशक के तबादले पर सवाल उठाया।

पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में निपाह वायरस के पहले मामले की पुष्टि हुए छह दिन बीत चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक समन्वय की कमी है।

विजयन ने कहा कि आलोचना पर स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन की प्रतिक्रिया ‘अनुचित’ थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करेगा और इस वायरस से निपटने के प्रयासों में पूरा सहयोग देगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए तैयार नहीं हैं। हम वायरस को नियंत्रित करने के प्रयासों में पूरा सहयोग देंगे।’’

विजयन ने आरोप लगाया कि निपाह वायरस से निपटने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है और प्रशासनिक तंत्र आवश्यक स्तर के समन्वय के बिना काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसी स्थिति है जिसमें एकजुट और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है, लेकिन कोई समन्वय नहीं है।’’

पूर्व में निपाह वायरस के प्रकोप का उल्लेख करते हुए, विजयन ने कहा कि मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों में डेरा डाला था और स्वयं प्रतिक्रिया उपायों का समन्वय किया था।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘दुर्भाग्यवश, ऐसी सतर्कता अब कहीं दिखाई नहीं दे रही है। यहाँ तक कि निपाह नियंत्रण कक्ष भी इस तरह काम करता दिख रहा है, मानो निर्वाचित प्रतिनिधियों को इससे बाहर ही रहना चाहिए।’

विजयन ने स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवा निदेशक के स्थानांतरण पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब स्थिति अत्यंत गंभीर है, उस समय सरकार ने स्वास्थ्य सेवा निदेशक के स्थानांतरण का निर्णय लिया है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में विभाग के प्रमुख को बदले जाने का निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक स्वाभाविक प्रश्न यह उठता है कि क्या यह निर्णय मुख्यमंत्री की जानकारी और मंजूरी से लिया गया था। यह स्वयं में चिंता का विषय है।’’

विजयन ने सरकार से बीमारी की रोकथाम, स्वच्छता उपायों, अस्पतालों की तैयारियों और दवाओं की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

उन्होंने सरकार के वन्यजीव हमलों से निपटने के तरीके की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन हफ्तों में ऐसी घटनाओं में छह लोगों की जान जा चुकी है।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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