(फाइल फोटो के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 29 मई (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शुक्रवार को कहा कि केरल के राज्यपाल द्वारा पढ़ा गया संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार का नीतिगत संबोधन कई मामलों में अधूरा था। इसमें केंद्र की आर्थिक नीतियों और पश्चिम एशिया संघर्ष पर उसके रुख की आलोचना भी शामिल नहीं थी।
विजयन ने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से कहा कि नीतिगत संबोधन में पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं और कल्याणकारी उपायों, वामपंथी प्रशासन की 2035 तक केरल के लिए व्यापक विकास योजना और यूडीएफ के ‘पुथुयुगम’ (नए युग के) केरल के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रूपरेखा पर कोई चर्चा नहीं हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस नीतिगत संबोधन में केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी), कुडुम्बश्री और विभिन्न मिशनों का भी जिक्र नहीं किया गया जिन्होंने राज्य का चेहरा बदल दिया है और कई समस्याओं को हल करने में मदद की है।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतिगत संबोधन में राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में एक ‘‘झूठी कहानी’’ गढ़ने की कोशिश की गई है और इस तथ्य को छिपाया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार भी केरल के खजाने में 5,429 करोड़ रुपये मौजूद हैं।
उन्होंने दावा किया कि नीतिगत संबोधन से संकेत मिलता है कि यूडीएफ सरकार अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों से भागने और अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रही है।
विजयन ने कहा कि केंद्र की केरल के प्रति मौजूदा आर्थिक नीति जारी रहने पर प्रभावित होने वाले लोगों को राहत प्रदान करने के लिए उठाए जाने वाले अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदमों के बारे में सरकार के पास कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है।
भाषा
सुरभि पवनेश
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