तिरुवनंतपुरम, 17 फरवरी (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को कहा कि देश भर के राज्यों को बढ़ती वित्तीय सीमाओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सार्वजनिक सेवा वितरण और विकास में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं।
विजयन ने अंतर-सरकारी वित्तीय व्यवस्थाओं में पूर्वानुमान और निष्पक्षता की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने यहां ‘विजन 2031’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज राज्यों की सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकास को आगे बढ़ाने में भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है, लेकिन उनकी वित्तीय गुंजाइश पहले से अधिक सीमित हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को टकराव की भाषा में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक शासन के एक विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘सहकारी संघवाद के लिए पूर्वानुमेयता, निष्पक्षता और संवैधानिक भूमिकाओं के प्रति सम्मान जरूरी है। राज्यों के पास उन जिम्मेदारियों को पूरा करने की वित्तीय क्षमता होनी चाहिए जो उन्हें सौंपी गई हैं, खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में।’’
विजयन ने कहा कि इन सीमाओं के बावजूद केरल ने कल्याण, शिक्षा और लोकसेवाओं को प्राथमिकता देना जारी रखा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को रेखांकित करते हुए कहा कि केरल में धर्मनिरपेक्षता केवल एक संवैधानिक सिद्धांत नहीं है, बल्कि विद्यालयों, मोहल्लों और कार्यस्थलों में दिखने वाली एक जीवंत सामाजिक व्यवस्था है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब भारत सहित कई समाज बढ़ते ध्रुवीकरण का सामना कर रहे हैं, केरल ने समावेशी सार्वजनिक संस्थानों और परस्पर सम्मान की संस्कृति के जरिए सामाजिक सद्भाव काफी हद तक बनाए रखा है।
उन्होंने कहा कि केरल का धर्मनिरपेक्ष चरित्र उसकी सबसे मूल्यवान आर्थिक संपत्तियों में से एक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विजन 2031’ केरल के अतीत को समझने, उसके वर्तमान का समालोचनात्मक आकलन करने और उसके भविष्य को रचनात्मक रूप से आकार देने के उद्देश्य से चिंतन, संवाद और कल्पना का एक सामूहिक अभ्यास है।
उन्होंने कहा कि केरल में लोक नीति का निर्माण राज्य और समाज के बीच संवाद के जरिए आकार लेने वाली एक सहभागी प्रक्रिया रही है।
विजयन ने भूमि सुधारों और सार्वजनिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य में निवेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा और विकेंद्रीकृत योजना तक राज्य की विकास यात्रा का उल्लेख किया।
उन्होंने और सुधारों की जरूरत को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार प्रशासनिक क्षमता, वित्तीय स्वायत्तता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए केरल नगरपालिका अधिनियम और केरल पंचायती राज अधिनियम में व्यापक विधायी बदलावों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा