नवकेरल सदास कार्यक्रम में हमले के मामले में एसआईटी के समक्ष पेश हुए विजयन के पांच सुरक्षाकर्मी

नवकेरल सदास कार्यक्रम में हमले के मामले में एसआईटी के समक्ष पेश हुए विजयन के पांच सुरक्षाकर्मी

नवकेरल सदास कार्यक्रम में हमले के मामले में एसआईटी के समक्ष पेश हुए विजयन के पांच सुरक्षाकर्मी
Modified Date: June 11, 2026 / 11:47 am IST
Published Date: June 11, 2026 11:47 am IST

अलप्पुझा (केरल), 11 जून (भाषा) केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के पांच पूर्व सुरक्षा कर्मी 2023 के नव केरल सदास कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष बृहस्पतिवार को पेश हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ये पांचों सुरक्षा कर्मी – अनिल कुमार एस, संदीप एस, शैजू वी.के., अरुण आर और विपिन वी.वी. यहां अपराध शाखा कार्यालय पहुंचे, जहां पुलिस अधीक्षक ए.पी. शौकत अली के नेतृत्व वाली एसआईटी उनसे पूछताछ कर रही है।

मंगलवार को अलप्पुझा जिला एवं सत्र न्यायालय ने इन पांचों सुरक्षा कर्मियों को अग्रिम जमानत प्रदान की थी और उन्हें बृहस्पतिवार को एसआईटी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

अदालत ने आवश्यकता पड़ने पर एसआईटी को अगले दो दिनों तक उनसे पूछताछ करने की भी अनुमति दी।

साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने पर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए।

यह मामला दिसंबर 2023 में अलप्पुझा में हुई एक घटना से जुड़ा है, जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नव केरल सदास जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत जिले का दौरा कर रहे पिनराई विजयन और उनके मंत्रियों के काफिले के विरोध में काला झंडा दिखाते हुए प्रदर्शन किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी विजयन को ले जा रही बस की ओर दौड़े, तो मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मियों ने कथित रूप से डंडों से उनकी पिटाई की। इस घटना में दो लोग घायल हुए थे, जिनमें वर्तमान अलप्पुझा विधायक ए डी थॉमस भी शामिल हैं।

कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद इस मामले की दोबारा जांच के लिए एसआईटी के गठन की घोषणा की थी।

इसके बाद एसआईटी ने आरोपी सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ अधिक गंभीर धारा जोड़ते हुए ‘गैर-इरादतन हत्या करने के प्रयास’ का आरोप भी लगाया।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में