नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) कारगिल युद्ध के नायक कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन और व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘ये दिल मांगे मोर: रिमेम्बरिंग कैप्टन विक्रम बत्रा, माई ब्रदर’ जुलाई में प्रकाशित होगी।
कैप्टन बत्रा के जुड़वां भाई विशाल बत्रा और अनुपमा मेहता द्वारा लिखित यह पुस्तक पाठकों को परमवीर चक्र विजेता सैनिक बत्रा के जीवन की उन अनकही यादों और अनुभवों से रूबरू कराएगी, जिन्हें उनके सबसे करीबी लोगों ने देखा और जिया।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बुधवार को कारगिल युद्ध के नायक कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि स्वरूप लिखी गई इस पुस्तक के प्रकाशन की घोषणा की। प्रकाशन के ‘वीर’ इम्प्रिंट के तहत प्रकाशित होने वाली यह पुस्तक जुलाई में बाजार में उपलब्ध होगी।
कैप्टन विक्रम बत्रा 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ते हुए 24 वर्ष की आयु में शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता सम्मान ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था।
असाधारण वीरता के लिए पीढ़ियों तक याद किए जाने वाले कैप्टन बत्रा का प्रसिद्ध वाक्यांश ‘ये दिल मांगे मोर’ उनकी पहचान बन गया और आज भी लाखों भारतीयों को प्रेरित करता है।
प्रकाशक के मुताबिक, पुस्तक में विशाल बत्रा ने पालमपुर में अपने जुड़वां भाई के साथ बिताए बचपन, साझा सपनों और दोनों के अटूट रिश्ते की यादों को साझा किया है।
उल्लेखनीय है कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की विजय की स्मृति में हर वर्ष 26 जुलाई को ‘कारगिल विजय दिवस’ मनाया जाता है।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव