मनरेगा की जगह नयी व्यवस्था लाकर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ाई गईं : अशोक गहलोत

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मनरेगा की जगह नयी व्यवस्था लाकर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ाई गईं : अशोक गहलोत

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 06:46 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 06:46 PM IST

जयपुर, एक सितंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत पहले लागू रोजगार गारंटी ढांचे को खत्म कर ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को अधिकारियों से सूखा राहत कार्यों की तत्काल तैयारी शुरू करने का आग्रह किया।

प्रतापगढ़ में कांग्रेस की ‘जन आक्रोश यात्रा’ के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी ने राज्य और देशभर के लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस नीत सरकार के दौरान लागू मनरेगा ने ग्रामीणों को 100 दिन के रोजगार की मांग करने का कानूनी अधिकार दिया था।

गहलोत ने कहा, ‘‘मनरेगा रोजगार की गारंटी थी। इसमें किसी से खैरात मांगने की जरूरत नहीं थी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि अब इस योजना को बंद कर दिया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राजस्थान के 22 जिलों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है और समय पर कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारे, लोगों और पशुओं के लिए पेयजल तथा ग्रामीणों के लिए रोजगार की समस्या पैदा होगी।

गहलोत ने कहा, ‘‘अगर मनरेगा होता तो सूखा पड़ने की स्थिति में भी इतनी परेशानी नहीं होती, क्योंकि लोगों को इसके तहत काम मिल सकता था।’’

नयी ग्रामीण रोजगार योजना ‘विकसित भारत—रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटी’ (वीबी-जी रामजी) का जिक्र करते हुए गहलोत ने इसमें किए गए बदलावों की आलोचना की।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इसमें भगवान राम का नाम क्यों ला रहे हो? राम के नाम को क्यों बदनाम कर रहे हो?’’

उन्होंने दावा किया कि नयी व्यवस्था के तहत राज्य का वित्तीय योगदान पहले के 10 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगा, जिससे राजस्थान पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

गहलोत ने राज्य सरकार से सूखा राहत कार्य शुरू करने की तत्काल तैयारी करने तथा लोगों और पशुओं के लिए पेयजल एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम विपक्ष में हैं और सरकार पर केवल दबाव बना सकते हैं। हम दबाव बना रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में न तो लोगों की समस्याओं को लेकर पर्याप्त चिंता दिखाई दे रही है और न ही प्रभावी शासन नजर आ रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि यदि समय पर सूखा राहत कार्य शुरू नहीं किए गए और चारे की व्यवस्था नहीं हुई तो बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हो सकती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और सरकार पर समय रहते आवश्यक कदम उठाने के लिए दबाव बनाएगी।

भाषा

बाकोलिया रवि कांत