सेवा मतदाताओं के डाक मतपत्रों को शामिल करने के बाद केरल में मतदान प्रतिशत बढ़ा : सीईओ
सेवा मतदाताओं के डाक मतपत्रों को शामिल करने के बाद केरल में मतदान प्रतिशत बढ़ा : सीईओ
तिरुवनंतपुरम, तीन मई (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में सेवा मतदाताओं के डाक मतपत्रों को शामिल करने के बाद मतदान प्रतिशत बढ़कर तकरीबन 79.70 प्रतिशत हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रतन यू केलकर ने रविवार को यह जानकारी दी।
केलकर ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोमवार को होने वाली मतगणना के लिए विस्तृत व्यवस्थाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 79.63 प्रतिशत रहा, जिसमें सेवा मतदाताओं के डाक मतपत्र शामिल नहीं हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सेवा क्षेत्र के मतदाताओं को 53,984 डाक मतपत्र जारी किए गए थे, जिनमें से एक मई तक 20,028 मतपत्र प्राप्त हो चुके थे।
उन्होंने कहा, ‘‘सेवा मतदाता मतगणना शुरू होने से पहले तक डाक मतपत्र जमा कर सकते हैं। हमने डाक विभाग को निर्देश दिया है कि सेवा मतदाताओं से प्राप्त डाक मतपत्र बिना किसी देरी के निर्वाचन अधिकारियों को सौंप दिए जाएं। इनमें शनिवार, रविवार और छुट्टियों के दिन प्राप्त मतपत्र भी शामिल हैं।’’
केलकर ने कहा कि सेवा मतदाताओं के डाक मतपत्रों की प्राप्ति से मतदान प्रतिशत में 0.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘सेवा मतदाताओं के आंकड़ों को शामिल करने के बाद वर्तमान मतदान प्रतिशत अस्थायी रूप से बढ़कर 79.70 प्रतिशत हो गया है।’’
केलकर ने कहा कि अंतिम मतदान आंकड़ा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक सूचकांक कार्ड जारी करने के बाद ही घोषित किया जाएगा, जो आमतौर पर मतगणना के 48 घंटे बाद जारी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 140 विधानसभा क्षेत्रों में 43 स्थानों पर सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी।
निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी, उसके 30 मिनट के अंतराल के बाद ईवीएम के मतों की गिनती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चरण-वार मतगणना आंकड़ा निर्वाचन आयोग के मोबाइल ऐप्लिकेशन और आधिकारिक पोर्टल पर वास्तविक समय में अपलोड किया जाएगा।
भाषा सुरभि रंजन
रंजन

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