चंडीगढ़, 29 सितंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पंजाब में पहली बार मतदाता बनने के इच्छुक लोगों को लौटा दिया गया।
वडिंग ने कहा कि पंजाब की विभिन्न विधानसभा सीट के युवा पुरुषों और महिलाओं ने फॉर्म-6 के जरिये मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने की इच्छा जतायी थी, लेकिन इसके बजाय उन्हें दो दशक से अधिक समय पहले हुए पिछले एसआईआर के दौरान अपने माता-पिता या दादा-दादी की मतदाता सूची में स्थिति साबित करने को कहा गया।
वडिंग ने अपने पत्र में शाह से गृह मंत्री और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत मामलों के लिए जिम्मेदार प्राधिकारी के रूप में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि गृह मंत्रालय एक बार और हमेशा के लिए उन दस्तावेजों को स्पष्ट करे, जिन्हें निर्वाचन आयोग समेत सभी प्राधिकारी भारतीय नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘जिन युवाओं को वापस भेज दिया गया, वे अगले महीने अंतिम रूप दी जाने वाली मतदाता सूची से बाहर हैं और यही वह सूची है, जिसका इस्तेमाल पंजाब 2027 में करेगा।’’
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
भाषा अमित आशीष
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