वक्फ कानून गरीब मुसलमानों की दुर्दशा के प्रति मोदी की संवेदनशीलता: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड प्रमुख

वक्फ कानून गरीब मुसलमानों की दुर्दशा के प्रति मोदी की संवेदनशीलता: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड प्रमुख

वक्फ कानून गरीब मुसलमानों की दुर्दशा के प्रति मोदी की संवेदनशीलता: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड प्रमुख
Modified Date: April 14, 2025 / 08:31 pm IST
Published Date: April 14, 2025 8:31 pm IST

देहरादून, 14 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने सोमवार को कहा कि संसद का संशोधित वक्फ कानून बनाना गरीब मुसलमानों की दुर्दशा के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

शम्स ने विधेयक पारित होने और कानून का रूप लेने का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘इससे वक्फ संपत्तियों को अमीर और प्रभावशाली मुसलमानों द्वारा दशकों से किए जा रहे अतिक्रमण से मुक्ति मिलेगी। ये संपत्तियां अब गरीब मुसलमानों की मदद के लिए होंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कानून में संशोधन इसलिए किया, क्योंकि वे गरीब मुसलमानों का दर्द समझ सकते हैं।’’

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दिल्ली से 10-दिवसीय यात्रा के बाद उत्तराखंड लौटे शम्स ने कहा कि मंगलौर और नारसन में मुसलमानों ने उनका बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी अवधि में संशोधित वक्फ विधेयक को संसद से पारित किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘पसमांदा मुसलमानों ने मुझे माला पहनाई और विधेयक के पारित होने पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्हें लगता है कि यह कांग्रेस के दशकों के शासन के दौरान उनके साथ हुए अन्याय को खत्म कर देगा।’’

शम्स ने संसद में लंबे समय से प्रतीक्षित विधेयक लाने के लिए मोदी की ओर से ‘पिरान कलियर शरीफ’ में चादर भी चढ़ाई। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण करने वाले लोग कानून को लेकर मुसलमानों में डर फैला रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि अब वे हड़पी गई अपनी संपत्ति खो देंगे।’’

वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों में गरमागरम बहस के बाद पारित कर दिया गया था, जिस पर पांच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हस्ताक्षर कर दिये। केंद्र ने आठ अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम को अधिसूचित किया।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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