गोधरा कांड के बाद मोदी का आलोचक था, गुजरात में समय बिताने के बाद बदली राय: आरिफ मोहम्मद खान

गोधरा कांड के बाद मोदी का आलोचक था, गुजरात में समय बिताने के बाद बदली राय: आरिफ मोहम्मद खान

गोधरा कांड के बाद मोदी का आलोचक था, गुजरात में समय बिताने के बाद बदली राय: आरिफ मोहम्मद खान
Modified Date: February 21, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: February 21, 2026 8:38 pm IST

(फाइल फोटो सहित)

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को कहा कि 2002 में ‘गोधरा त्रासदी के कारण हुई अशांति’ के बाद, वह गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के आलोचक थे, लेकिन लोगों से बातचीत करने के बाद उनकी राय बदल गई।

खान यहां ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में पत्रकार-लेखक आलोक मेहता की पुस्तक ‘रिवोल्यूशनरी राज: नरेन्द्र मोदीज 25 इयर्स’ के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे।

खान ने कहा कि गोधरा कांड के बाद अगर उन्होंने गुजरात में चार महीने नहीं बिताए होते, तो मोदी के प्रति उनका नजरिया नहीं बदलता।

खान ने कहा, ‘‘2002 में, गोधरा त्रासदी के बाद हुए दंगों के पश्चात, मैं मोदी का आलोचक था। और मैंने पहले भी कहा है कि अगर मैंने उन दंगों के बाद गुजरात में चार महीने से अधिक समय न बिताया होता, अगर मैंने विभिन्न समुदायों के लोगों से बातचीत न की होती, तो शायद मेरी यही सोच बनी रहती।’

खान ने कहा कि उन्हें एहसास हुआ कि मोदी को ‘बेहद अनुचित तरीके से बदनाम किया जा रहा है।’

खान ने कहा, ‘वह सबसे गलत समझे जाने वाले व्यक्ति हैं, जिन पर बहुत ही अनुचित आरोप लगाए गए। चार महीने बाद, इस स्थिति के बारे में मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया। और मैंने अपने विचार दूसरों के साथ साझा करना शुरू कर दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह निस्संदेह दृढ़ निश्चयी और संकल्पित व्यक्ति हैं, और वह ऐसे व्यक्ति हैं जो कभी जल्दबाजी नहीं दिखाते। ऐसा लगता है कि वह कभी आराम नहीं करते। और वह हमेशा अपने द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में लगे रहते हैं।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस किताब की प्रस्तावना लिखी है। इस पुस्तक में मोदी के पिछले 25 वर्षों के सफर का विस्तृत वर्णन है। इसमें उनके मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक की यात्रा को शामिल किया गया है।

खान ने प्रधानमंत्री को मुस्लिम महिला (विवाह संबंधी अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 का श्रेय भी दिया, जो भारत में तीन तलाक की प्रथा को अपराध घोषित करता है।

खान ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है, और मुझे पूरा विश्वास है कि 50 साल बाद, न केवल इस देश में बल्कि दुनिया भर में लोग यह समझेंगे कि नरेन्द्र मोदी ने कितना अद्भुत और महान काम किया है। क्योंकि दुनिया के अन्य हिस्सों में, तीन तलाक को वैध नहीं माना जाता है। भारत में, यह पहली बार 2019 में लागू हुआ।’

इस कार्यक्रम में तेल और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन के सिंह और पूर्व मंत्री के जे अल्फोंस उपस्थित थे।

‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के बारे में पुरी ने कहा कि भारत ‘कुछ बहुत ही उल्लेखनीय’ दौर से गुजर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मई 2014 में, हमारी अर्थव्यवस्था दो ट्रिलियन डॉलर की थी। आज हम 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं। उस समय हमें पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता था। आज हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं।’

उन्होंने कहा, ‘अगर आप (अंतरराष्ट्रीय) मुद्रा कोष की बात मानें तो अगले एक-दो साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। और आपमें से जिन लोगों ने एआई इम्पैक्ट समिट का सार देखा है, वे जानते हैं कि भारत जिस दौर से गुजर रहा है वह बहुत ही उल्लेखनीय है।’

भाषा आशीष माधव

माधव


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