कोलकाता। एक बार फिर महिलाओं के पहनावे को लेकर संकुचित मानसिकता से टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। ताजा मामला पश्चिम बंगाल का है, जहां ट्रेन में अपने साथी के साथ सफर कर रही एक महिला के पहनावे को सार्वजनिक जगहों के हिसाब से गलत बताया गया। इस महिला ने अपने साथ हुए इस वाकये की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लोगों से समर्थन की मांग की है।
बताया जा रहा है कि ये मामला 23 जून का है। एक महिला अपने बॉयफ्रेंड के साथ ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफर कर रही थी। महिला ने पहले से सीट पर बैठे एक व्यक्ति से आग्रह किया कि वो थोड़ा खिसकें, जिससे वो भी सीट पर बैठ सकें। लेकिन पहले बैठे व्यक्ति ने खिसकने से माना कर दिया।
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युवती के फेसबुक पर लिखा है कि हर दिन की तरह, मैं सियालदाह से ट्रेन में चढ़ी। मैंने कुछ लोगों से सीट में कुछ जगह बनाने के लिए कहा ताकि बैठ सकूं, लेकिन उन्होंने बेरुखी से मना कर दिया। उनमें से एक ने कहा कि वह पंखे के नीचे की अपनी जगह नहीं छोड़ेगा। किसी प्रकार हम जगह बनाने में सफल हुए, तभी साथी यात्री चिल्लाने लगे, ‘यह लेडीज कंपार्टमेंट नहीं है, लेडीज कंपार्टमेंट में जाओ।’ लगता है कि इन अनपढ़ लोगों को नहीं पता था कि यह एक जनरल कंपार्टमेंट था, न कि खास पुरुषों वाला। आखिर में हमने सीट छोड़ दी और आगे बढ़ गए। अब वह आदमी जो पहले पंखे के नीचे बैठे होने कारण सीट पर खिसकने से मना कर रहा था, खिसकर वहां आ गया जहां हम बैठे थे।
महिला ने फेसबुक पर लिखा है कि उससे उस शख्स से पूछा कि काकू, अब आप क्यों खिसक रहे हैं? क्या अब आपको गर्मी नहीं लग रही है? इस पर उसने जवाब दिया, घर जाओ और एक-दूसरे की गोद में बैठो। तभी कुछ और लोग बोले, तुम्हारी पीढ़ी के लोगों की वजह से कोलकाता मेट्रो की घटना हुई थी। एक और शख्स बोला, ‘ट्रेन में ऐसे कपड़े पहनकर मत आना। महिला ने बताया कि जिस पहनावे की बात वे लोग कर रहे थे, वे टीशर्ट और जींस थी।
वेब डेस्क, IBC24