वायनाड भूस्खलन: पांच लापता लोगों की तलाश जारी; पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया

वायनाड भूस्खलन: पांच लापता लोगों की तलाश जारी; पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया

वायनाड भूस्खलन: पांच लापता लोगों की तलाश जारी; पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया
Modified Date: July 8, 2026 / 10:27 am IST
Published Date: July 8, 2026 10:27 am IST

(फोटो के साथ)

वायनाड (केरल), आठ जुलाई (भाषा) केरल के पर्वतीय जिले वायनाड में सुरंग मार्ग निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में एक दिन पहले तीन लोगों की मौत हो गई थी और पांच अन्य लापता हो गए थे। घटना के बाद से लापता पांच लोगों कल तलाश के लिए व्यापक खोज एवं बचाव अभियान जारी है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

वायनाड के पुलिस अधीक्षक (एसपी) देवमनोहर ने पत्रकारों को बताया कि भूस्खलन के संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।

बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खोजी कुत्तों, अग्निशमन दल के जवानों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को तैनात किया गया है और तलाशी अभियान के लिए इलाके को चार क्षेत्र में बांटा गया है।

उन्होंने कहा कि नदी के बहाव की दिशा में पड़ने वाले इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और चूरलमाला की ओर जाने वाली सड़क को साफ कर दिया गया है।

अधिकारी ने कहा कि घटना वाली जगह से अभी बहुत सारा मलबा हटाना बाकी है और यह काम तभी हो पाएगा जब तलाशी अभियान पूरा हो जाएगा।

राज्य सरकार ने एक दिन पहले कहा था कि यह ‘‘मानव निर्मित आपदा’’ है क्योंकि जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के मंत्री पी.के. बशीर के निर्देशों के बावजूद निर्माण स्थल पर जमा मलबा नहीं हटाया गया था।

निर्माण कंपनी के महाप्रबंधक (जीएम) ने इस बात का खंडन किया और दावा किया कि भूस्खलन निर्माण स्थल से काफी ऊपर हुआ था।

उन्होंने कहा कि यह घटना कंपनी को निर्माण के लिए दी गई जमीन पर नहीं हुई और वहां जमा मलबा इस आपदा का कारण नहीं था।

जब पत्रकारों ने वायनाड की जिलाधिकारी मेघाश्री डी.आर. से कंपनी के जीएम के इस दावे के बारे में पूछा कि उनकी कोई गलती नहीं थी, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

इस बीच, बचाव अभियान में शामिल एक अधिकारी ने कहा कि भले ही भूस्खलन निर्माण स्थल के ऊपर हुआ था, लेकिन उस इलाके में जमा मलबे के कारण कीचड़ के बहाव की तीव्रता बढ़ गई।

उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हो रही बारिश से खोज और बचाव कार्यों में रुकावट आ रही है।

इस हादसे में जिन तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, वे सभी प्रवासी मजदूर थे। इनमें मध्य प्रदेश के ऑपरेटर चंद्रभान, बिहार के सिविल फोरमैन विकास कुमार और झारखंड के मजदूर अनमोल शामिल हैं।

मंगलवार रात तक हादसे में घायल हुए सात लोगों का मेप्पाडी स्थित डब्ल्यूआईएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा था।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन बुधवार को इलाके का दौरा करेंगे।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव


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