‘हम बदला नहीं न्याय चाहते हैं’: दक्षिण दिल्ली में मारे गए मणिपुर के संगीतकार का परिवार

‘हम बदला नहीं न्याय चाहते हैं’: दक्षिण दिल्ली में मारे गए मणिपुर के संगीतकार का परिवार

‘हम बदला नहीं न्याय चाहते हैं’: दक्षिण दिल्ली में मारे गए मणिपुर के संगीतकार का परिवार
Modified Date: September 8, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: September 8, 2026 8:20 pm IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) दक्षिणी दिल्ली स्थित अपने घर के बाहर पीटकर मार दिये गए मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के परिवार ने न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों ने कहा कि वे बदला नहीं चाहते, बल्कि सिर्फ यह चाहते हैं कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए।

मणिपुर भवन में मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सिंह की पत्नी ने कहा कि परिवार संगीतकार की अचानक हुई मौत के सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी भी अपने पति विक्रम चोंगथम विक्रम (54) को खोने के दुख से उबरने की कोशिश कर रही हूं। वह पति, एक पिता, पुत्र, भाई व संगीतकार के तौर पर परिवार, दोस्तों तथा रिश्तेदारों के बेहद चहेते थे। उनकी अचानक मौत से जो क्षति हुई है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।’’

परिवार ने हिंसा खत्म करने की भी अपील की और कहा कि किसी अन्य परिवार को ऐसे दुख का सामना न करना पड़े।

चोंगथम की पत्नी ने कहा, “हम बदला नहीं चाहते। हम न्याय चाहते हैं। उनका एक नाम था, एक परिवार था और उनका जीवन मायने रखता था। हम बस यही चाहते हैं कि उनकी याद का सम्मान किया जाए, हमारे दुख का सम्मान हो और न्याय मिले।’’

पुलिस के अनुसार सिंह दो दशक से अधिक समय से दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकारी इलाके में रह रहे थे। सोमवार तड़के उनके अपार्टमेंट के बाहर शोर मचाने और शराब का सेवन करने को लेकर आपत्ति जताने पर सामान की आपूर्ति करने वाले कुछ कर्मियों और ढाबा कर्मचारियों के एक समूह से कथित पर सिंह पर हमला कर दिया था।

पुलिस ने बताया कि सनलाइट कॉलोनी थाने को हमले के बारे में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) से फोन पर सूचना मिली। सिंह के 20 वर्षीय बेटे याइफाबा विधि के छात्र हैं, जो उन्हें होली फैमिली हॉस्पिटल ले गए जहां बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।

परिवार ने बताया कि सिंह का शव अभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शवगृह में है और बुधवार को उसे मणिपुर ले जाया जाएगा।

हालांकि, मणिपुर भवन में ध्यान सिंह के जीवन पर भी केंद्रित था, जिसे उन्होंने दशकों तक संगीत के माध्यम से संजोया और बनाया था।

सिंह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर के मशहूर रॉक बैंड ‘फीनिक्स’ के मुख्य गिटारवादक थे और उन्हें राज्य में ‘रॉक म्यूजिक’ की शुरुआत करने वालों में से एक माना जाता था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘अल्ट्रा वायर्स’ नाम के बैंड से की थी जिसके बाद वह ‘फीनिक्स’ और फिर स्थानीय बैंड ‘ईस्टर्न डार्क’ से जुड़े।

वह 2004 के आसपास दिल्ली आए जिसके बाद उन्होंने संगीतकार और संगीत शिक्षक के तौर पर काम करना जारी रखा और कक्षाएं एवं कार्यशाला भी लीं। उनके संगीत में हिंदुस्तानी संगीत, रॉक एंड रोल और जैज जैसी कई शैलियां शामिल थीं।

उन्होंने लगभग एक दशक तक गायक मामे खान के साथ भी काम किया और कोक स्टूडियो से भी जुड़े रहे। उनके काम को जानने वालों के मुताबिक सिंह ऐसे संगीतकार थे जिनकी जिंदगी कला से अलग नहीं थी।

मणिपुर में सिंह के पड़ोसी माइकल ओइनम ने कहा, ‘‘वह ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कला और संगीत के बीच बिताई। वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार थे और उन्होंने लगभग हर शैली में काम किया। उनका परिवार भी मणिपुर में कलाकारों का एक जाना-माना परिवार है।’’

सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। ओइनम ने बताया कि उनकी मां चोंगडेन कमला आकाशवाणी में प्रमुक गायिका थीं।

संवाददाता सम्मेलन में मौजूद ‘नॉर्थईस्ट इंडिया फोरम अगेंस्ट रेसिज्म’ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सिंह की हत्या नस्ली हिंसा का मामला है। उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों को किस तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

संगठन के एक सदस्य ने कहा कि मणिपुर के लोग सुरक्षा और बेहतर जिंदगी की उम्मीद में दिल्ली आते हैं लेकिन उन्हें लगातार हिंसा और भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है।

सदस्य ने कहा, ‘‘वे हमें मणिपुर में भी मार रहे हैं और यहां भी। लोग सुरक्षा के लिए दिल्ली आते हैं। क्या हम ऐसे भारत में रहना चाहते हैं जहां नागरिक अपने परिवारों के साथ शांति से न रह सकें?’’

स्थानीय लोगों और समुदाय के सदस्यों ने कैंडल मार्च भी निकाला और सिंह की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

दिल्ली विश्वविद्यालय की ‘नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी’ (एनईएसएसडीयू) ने सिंह की मौत पर दुख जताया और उन्हें मणिपुर का एक सम्मानित संगीतकार बताया। उन्होंने इस घटना को बेवजह की हिंसा बताते हुए अधिकारियों से मामले की तेजी से, निष्पक्ष और गहनता से जांच सुनिश्चित करने की अपील की।

भाषा सुरभि प्रशांत

प्रशांत


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