बंगाल में घुसपैठियों के लिए असम का ‘पहचानो, हटाओ और वापस भेजो’ मॉडल लागू करेंगे : नितिन नवीन

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बंगाल में घुसपैठियों के लिए असम का ‘पहचानो, हटाओ और वापस भेजो’ मॉडल लागू करेंगे : नितिन नवीन

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 08:50 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 08:50 PM IST

इस्लामपुर, दो मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए असम के ‘पहचानो (डिटेक्ट), नाम हटाओ (डिलीट) और वापस भेजो (डिपोर्ट)’ मॉडल को अपनाएगी।

राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले मालदा जिले के इस्लामपुर में भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत करते हुए नवीन ने एक रैली में यह घोषणा भी की कि भाजपा अगर राज्य की सत्ता में आई, तो इस्लामपुर का नाम बदलकर ‘ईश्वरपुर’ कर देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने हाल में बिहार में सरकार बनाई है। असम में हम बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के लिए ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ का मॉडल अपना रहे हैं। जहां भी ये विदेशी लोग हमारे नागरिकों के अधिकारों को छीन रहे हैं, हम वहां इसे लागू करेंगे।’’

भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह ‘जय मां काली’ का जयकारा भी लगाया।

राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए नवीन ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने बंगाल में ‘‘50 लाख से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों’’ के मताधिकार पहले ही ले लिए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर निर्वाचन आयोग 50 लाख से अधिक बांग्लादेशियों के नाम नहीं हटाता, तो बंगाल के लोगों के लिए केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घुसपैठियों को मिलता।’’

नवीन ने घोषणा की कि सत्ता में आने के बाद भाजपा इस्लामपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर कर देगी।

नवीन ने भाषण में उपस्थित लोगों को ‘ईश्वरपुर के लोग’ संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम इस जगह का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने के आपके सपने को पूरा करेंगे, क्योंकि यह राजबंशी सुधारक ठाकुर पंचानन बर्मा की, बंगाल के अंतिम हिंदू राजा लक्ष्मण सेन की और क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी पूर्ण चंद्र दास की भूमि रही है।’’

नवीन ने दावा किया कि ”राज्य के लोगों के मन में अब बदलाव की प्रबल इच्छा जागृत हो गई है”। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार पर जनता के भरोसे को धोखा देने का आरोप लगाया।

भाजपा अध्यक्ष ने रैली के उद्देश्य का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘लोगों के दिलों में बसा ‘परिवर्तन’ का नारा अब जंगल की आग की तरह फैलना चाहिए। हम लोगों की इस इच्छा को सड़कों पर लाएंगे और ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। हम न सिर्फ पश्चिम बंगाल की व्यवस्था बदलेंगे, बल्कि यहां रहने वाले लोगों का जीवन भी बदलेंगे। ’’

नवीन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त होकर बंगाल को धोखा देने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ बंगाल में काली पूजा करने के लिए हमें अदालत की अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन ममता बनर्जी ने किसी भी समय सड़कों पर नमाज अदा करने की बिना शर्त सहमति दे दी है।’’

नवीन ने बनर्जी पर ‘वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा से समझौता करने’ का आरोप लगाते हुए घुसपैठ को रोकने हेतु सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने में राज्य की अनिच्छा पर भी सवाल उठाया।

नवीन ने कहा, ‘‘दीदी को इस देश और बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है, इसीलिए उनकी सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देने से कतरा रही है। उनका ध्यान फर्जी दस्तावेजों के साथ यहां बसे बांग्लादेशियों के पुनर्वास पर है। ’’

नवीन ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता में आने पर ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ होलिका दहन में टीएमसी सरकार और बंगाल की जनता के साथ उसके विश्वासघात को भस्म करें। बाद में, जिस दिन भाजपा इस राज्य में विजयी होगी, एक और होली होगी तथा उसका रंग भगवा होगा।’’

भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश

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