मुंबई, दो मार्च (भाषा) अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने से महाराष्ट्र के लगभग 260 लोग पश्चिम एशिया में फंसे हुए हैं, हालांकि सभी सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य भर में और अधिक स्थानों से आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं।
दुबई में फंसे लोगों में कांग्रेस के जालना लोकसभा सदस्य कल्याण काले भी शामिल हैं। कल्याण काले के भाई जगन्नाथ काले ने बताया कि वह ईरान में अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को वहां गए थे।
जगन्नाथ काले ने बताया कि उन्हें तीन मार्च को अबू धाबी होते हुए लौटना था, लेकिन उड़ान रद्द होने के कारण वे अब दुबई में फंस गए हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि जालना के नौ अन्य पर्यटक भी संयुक्त अरब अमीरात के दो सबसे बड़े शहरों और व्यापारिक केंद्रों दुबई और अबू धाबी में फंसे हुए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ स्थित इंदिरा इंस्टीट्यूट ऑफ स्कूल ऑफ बिजनेस के 84 छात्र और चार प्रोफेसर ‘ग्लोबल इमर्शन प्रोग्राम’ में भाग लेने के लिए खाड़ी देशों में दुबई पहुंचने के बाद वहां फंस गए हैं।
उन्होंने बताया कि पुणे के गणेश पेठ से आए 10 अन्य पर्यटक भी फंसे हुए हैं।
एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के कुल 61 लोग दुबई, बहरीन, कतर और अबू धाबी में फंसे हुए हैं।
सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे घटनाक्रम से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आवश्यक एवं व्यवहार्य कदम उठाएं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार रात हुई बैठक में सीसीएस ने शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने और संवाद एवं कूटनीति के जरिए मामले का हल निकालने के महत्व पर भी जोर दिया।
सीसीएस देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है।
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