इंफाल, 14 सितंबर (भाषा) मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने सोमवार को कहा कि हिंसा की किसी भी घटना को राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
मंत्री के इस बयान से एक दिन पहले रविवार को मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों के हमलों में दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई थी।
ये हत्याएं ‘साहनित नी’ या ‘ब्लैक डे’ पर की गईं। मणिपुर का कुकी समुदाय 1990 के दशक में राज्य में हुए कुकी-नगा जातीय संघर्ष के पीड़ितों की याद में हर साल 13 सितंबर को यह दिन मनाता है।
कोंथौजम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह टोल्लेन कुकी गांव में हुई दुखद घटना से ‘‘बेहद व्यथित’’ हैं। इस हमले में लिंगनगाई सिंगसिट नामक महिला की मौत हो गई और उसके पति सेइनैह सिंगसिट और नवजात बेटा घायल हो गए। सेइनैह ने पड़ोसी राज्य असम के सिलचर में एक अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
कोंथौजम ने कहा, ‘‘निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा अस्वीकार्य है और इससे सख्ती से निपटा जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने संबंधित प्राधिकारियों को तथ्यों का पता लगाने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं कि कानून बिना किसी भय या पक्षपात के अपना काम करे।’’
उन्होंने कहा कि इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
कोंथौजम ने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण समय में हिंसा की किसी भी घटना को मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा… कानून का शासन कायम रहेगा, न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और शांति की रक्षा की जाएगी।’’
हथियारबंद उग्रवादियों ने एक अन्य घटना में रविवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे नोन्गबा थाने के अंतर्गत आने वाले लॉन्गपी गांव में एक महिला और एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर दी।
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सिम्मी रंजन
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