पश्चिम बंगाल: बारुईपुर में लड़की से दुष्कर्म और हत्या का एक आरोपी मुठभेड़ में मारा गया

पश्चिम बंगाल: बारुईपुर में लड़की से दुष्कर्म और हत्या का एक आरोपी मुठभेड़ में मारा गया

पश्चिम बंगाल: बारुईपुर में लड़की से दुष्कर्म और हत्या का एक आरोपी मुठभेड़ में मारा गया
Modified Date: July 8, 2026 / 02:50 pm IST
Published Date: July 8, 2026 2:50 pm IST

(तस्वीर सहित)

कोलकाता, आठ जुलाई (भाषा) बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या करने के मामले के मुख्य आरोपियों में से एक पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

यह मुठभेड़ मई में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद इस तरह की पहली पुलिस कार्रवाई है। पुलिस की यह कार्रवाई इस घटना को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच हुई है।

अधिकारियों के अनुसार आरोपी की पहचान प्रभास मंडल के रूप में हुई जिसे इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि बच्ची के लापता होने से पहले सीसीटीवी फुटेज में मंडल को उसके साथ देखा गया था।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडल पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर गुमराह कर रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, जिसके कारण जांच टीम घटना की कड़ियों को जोड़ने और अपराध में उसकी भूमिका का पता लगाने के लिए उसे मंगलवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यपुर ले गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी दौरान, उसने अचानक एक पुलिसकर्मी से उसकी सरकारी पिस्तौल छीनी और भागने का प्रयास किया। मंडल ने पुलिस टीम पर एक गोली भी चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।’’

मंडल को बारुईपुर उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आरोपी का मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भरा जाएगा, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जाएगा।

पुलिस की एक टीम ने बुधवार सुबह मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया और कथित गोलीबारी से जुड़े साक्ष्यों की वीडियोग्राफी की।

जांचकर्ताओं का दावा है कि मंडल इस वारदात में शामिल था और वही बच्ची को मुख्य आरोपियों के पास ले गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इसके बदले मंडल को 10,000 रुपये देने का कथित तौर पर वादा किया गया था।

उन्होंने बताया कि मंडल पीड़िता को उस समय बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया था, जब वह अपने दोस्त के लिए जन्मदिन का उपहार खरीदने घर से निकली थी। उन्होंने बताया कि वह अपराध के समय भी वहीं मौजूद था।

आरोपी मंडल की मां संध्या मंडल ने यह कहते हुए शव को लेने से इनकार कर दिया कि उसे अपने कर्मों का फल मिल गया है।

बुधवार तड़के पुलिस द्वारा मंडल की मौत की सूचना दिए जाने के बाद उसकी मां ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उसने (मंडल ने) जो किया, उसे उसकी सजा मिल गई।’’

उन्होंने बताया कि पुलिस उनके घर आई, बेटे की पहचान की पुष्टि की और पूछा कि क्या वह उसे देखना चाहती है।

संध्या मंडल ने कहा, ‘‘मैं उसका चेहरा नहीं देखना चाहती। मैं शव लेने नहीं जाऊंगी, और परिवार का कोई भी सदस्य भी नहीं जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि उनका बेटा लंबे समय से नशे का आदी था और उनकी कोई बात नहीं सुनता था।

इस बीच, एसटीएफ, बारुईपुर एसओजी और जिला पुलिस के एक संयुक्त अभियान में उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट से अन्य आरोपी कबीर मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने कहा कि मोल्ला अपराध के बाद से ही फरार था। उसे पूछताछ के लिए बारुईपुर लाया गया। उसने बताया कि इस मामले में अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मंडल के अलावा, आनंद सरदार और दिवाकर सरदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

चार जुलाई को लापता हुई लड़की का शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक तालाब से एक बोरे में मिला था।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिला है कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया, सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई गई और फिर उसे बोरे में बंद करके जीवित ही तालाब में फेंक दिया गया।

उसने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के निजी अंगों पर चोट समेत कई घाव के निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था या उसे किसी कठोर सतह पर जोर से पटका गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि सिर में गंभीर चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव और डूबने के कारण बच्ची की मौत हुई।

इस घटना से भड़के स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया और बारुईपुर-जयनगर रोड पर यातायात को जाम कर दिया, टायर जलाए और आरोपी व्यक्तियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस के कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया।

रविवार को शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने इस मामले में संलिप्तता के संदेह में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर कथित तौर पर मार डाला था।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता को इस मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था।

उन्होंने कहा कि बीते रविवार को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने कहा कि कर्मियों पर हमलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के संबंध में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

उसने कहा कि आरोपियों की चिकित्सीय जांच पूरी होने के बाद उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

इस बीच, बच्ची के परिजनों ने कहा कि उन्हें राज्य सरकार पर पूरा भरोसा कि वह अपराधियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाएगी।

बच्ची के पिता ने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं और उन्हें अपना ‘दादा’ (बड़ा भाई) मानते हैं। दादा ने हमें न्याय दिलाने का भरोसा दिया है और हमें उन पर तथा पुलिस पर पूरा विश्वास है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को उनके कृत्य के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। अब तक जांच जिस तरह आगे बढ़ी है, उससे हम संतुष्ट हैं।’’

भाषा

खारी रंजन

रंजन


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