बंगाल: अभिषेक बनर्जी के आवास पर तलाशी, तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया

बंगाल: अभिषेक बनर्जी के आवास पर तलाशी, तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया

बंगाल: अभिषेक बनर्जी के आवास पर तलाशी, तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया
Modified Date: June 13, 2026 / 12:40 pm IST
Published Date: June 13, 2026 12:40 pm IST

कोलकाता, 13 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पुलिस की तलाशी की शनिवार को कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध के लिए विपक्ष के नेताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय बलों की एक संयुक्त टीम ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर शनिवार तड़के तलाशी ली।

इस नाटकीय घटनाक्रम से पश्चिम बंगाल में एक नया राजनीतिक तूफान आ गया है।

पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाने की टीम के नेतृत्व में कोलकाता पुलिसकर्मियों की मदद से चलाया गया यह अभियान तड़के तीन बजे के कुछ देर बाद शुरू हुआ और चार घंटे से अधिक समय तक चला।

तलाशी अभियान की सूचना मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचीं।

तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध बद से बदतर होता जा रहा है।’’

पार्टी के कई नेताओं ने भी यही आरोप दोहराया और राज्य सरकार पर अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस की नेता एवं राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ साझा कर दावा किया कि पुलिस तड़के करीब तीन बजे कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची और फिर ताले तोड़ने के लिए आपदा प्रबंधन दल को बुलाया गया, जिसके बाद तलाशी शुरू की गई।

घोष ने कहा, ‘‘दूसरी मंजिल से लेकर छत तक’’ तलाशी ली गई और यह करीब 90 मिनट तक चली।

उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के बाद तैयार की गई जब्ती रिपोर्ट में ‘‘कुछ नहीं’’ दर्ज किया गया जिससे पता चलता है कि जांचकर्ताओं को कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।

उन्होंने लिखा, ‘‘कोई सबूत नहीं। कोई गलत काम नहीं। कुछ भी नहीं।’’

राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध, डराने-धमकाने और मानसिक प्रताड़ना’’ के समान है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सामने नहीं झुकने वाले नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।

घोष ने इस घटना को ‘‘विपक्षी नेता पर शर्मनाक हमला’’ करार दिया और केंद्र में सत्तारूढ़ दल पर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ‘‘बदले की भावना से’’ चलने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस बार-बार आरोप लगाती रही है कि विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है।

सत्तारूढ़ दल का कहना है कि एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और सबूतों के आधार पर कार्रवाई करती हैं।

अभिषेक बनर्जी के आवास पर शनिवार को हुई तलाशी के बाद राज्य में राजनीतिक टकराव का नया दौर शुरू हो गया है।

विपक्षी दल इसे उसके वरिष्ठ नेताओं को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का एक और मामला बता रहा है।

भाषा सिम्मी जितेंद्र

जितेंद्र


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