Digital Frauds in India Data Latest: कोई आकर्षक ऑफर के चक्कर में तो कोई फंस गया सुंदर महिला के हुस्न में, भारत में डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे होश, रिकवरी महज 238.83 करोड़ की
Digital Frauds in India Data Latest: कोई आकर्षक ऑफर के चक्कर में तो कोई फंस गया सुंदर महिला के हुस्न में, भारत में डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे होश, रिकवरी महज 238.83 करोड़ की
Digital Frauds in India Data Latest: कोई आकर्षक ऑफर के चक्कर में तो कोई फंस गया सुंदर महिला के हुस्न में, भारत में डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे होश, रिकवरी महज 238.83 करोड़ की / Image: AI Generated
- 2021-22 से सितंबर 2025 तक देश में 5,83,291 डिजिटल पेमेंट फ्रॉड
- 3,588.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई
- केवल 238.83 करोड़ रुपये की राशि ही बरामद की जा सकी
नई दिल्ली: Digital Frauds in India Data Latest केंद्र की मोदी सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, जिसका नतीजा ये है कि भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देश भी UPI को अपना चुके हैं। मोदी सरकार के इस पहल का भारतीय लोगों को विदेश में भी फायदा मिल है, विदेश दौरे के दौरान भारतीय पर्यटक UPI की मदद से अपनी मुद्रा में ही भुगतान कर सकते हैं। लेकिन दूसरी ओर डिजिटल पेमेंट लोगों के लिए मुसीबत भी बनते जा रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में साल 2021 से सितंबर 2025 तक डिजिटल फ्रॉड के जरिए लोग 3,588.22 करोड़ रुपए गवां चुके हैं। डिजिटल फ्रॉड के ये आंकड़े खुद मोदी सरकार ने राज्यसभा में पेश किए हैं।
ठगों ने लगाया 3,588.22 करोड़ रुपए का चूना
Digital Frauds in India Data Latest वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 से सितंबर 2025 तक बैंकों और वित्तीय संस्थानों में डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के कुल 5,83,291 मामले दर्ज हुए। इन मामलों में 3,588.22 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई, जबकि अब तक 238.83 करोड़ रुपए की राशि ही बरामद की जा सकी है। सबसे अधिक धोखाधड़ी इंटरनेट बैंकिंग (1,730.14 करोड़ रुपए) और क्रेडिट कार्ड (1,447.27 करोड़ रुपए) से जुड़े मामलों में दर्ज की गई।
साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि
वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि डिजिटल भुगतान में तेजी के साथ ऑथराइज्ड पुश पेमेंट (APP) फ्रॉड और सोशल इंजीनियरिंग आधारित साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अप्रैल 2026 में “Exploring Safeguards in Digital Payments to Curb Frauds” नाम से एक चर्चा पत्र जारी किया है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान करने वाले, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और अन्य संवेदनशील उपभोक्ताओं की सुरक्षा को मजबूत करना है।
जागरूकता पर होने वाले खर्च का रिकॉर्ड नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर फ्रॉड जागरूकता पर होने वाले खर्च का कोई केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए आरबीआई, बैंकों और एनपीसीआई द्वारा देशभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। आरबीआई अब तक 1,489 ई-BAAT (Electronic Banking Awareness and Training) कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। इसके अलावा टीवी, एसएमएस, प्रिंट, सोशल मीडिया और “मैं मूर्ख नहीं हूं” जैसे बहुभाषी अभियान के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग से सबसे ज्यादा डिजिटल फ्रॉड
| Area of Operation | Number of frauds | Amount involved (₹ crore) | Amount Recovered (₹ crore) |
|---|---|---|---|
| Credit cards | 2,43,849 | 1447.27 | 177.78 |
| Debit/ATM Cards | 94,991 | 401.17 | 34.91 |
| Internet Banking | 2,42,562 | 1730.14 | 24.83 |
| UPI | 457 | 2.13 | 0.05 |
| Wallet/Prepaid cards | 13 | 0.02 | 0.00 |
| IMPS/NEFT/RTGS | 57 | 4.80 | 0.34 |
| AePS/Other Aadhaar related frauds | 1,346 | 1.06 | 0.76 |
| Other | 16 | 1.63 | 0.16 |
| Grand Total | 5,83,291 | 3588.22 | 238.83 |
ये भी पढ़ें
- Raghav Chadha on NEET Paper Leak: ‘हेडलाइन नहीं, रिजल्ट चाहिए’, NEET पेपर लीक पर पहली बार बोले राघव चड्ढा, बताया अब तक क्यों थे चुप
- 8th Pay Commission Fitment Factor: सरकारी कर्मचारियों के लिए आया बड़ा अपडेट! फिटमेंट फैक्टर पर संसद में सरकार ने खोले पत्ते, जानिए अब कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी?
- Franco Baresi Death: नहीं रहे महान डिफेंडर फ्रांको बारेसी, 66 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, वर्ल्ड कप विजेता टीम का थे हिस्सा

Facebook


