पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने राहुल गांधी पर बस ‘फोटो’ के लिए धरना देने का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने राहुल गांधी पर बस ‘फोटो’ के लिए धरना देने का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने राहुल गांधी पर बस ‘फोटो’ के लिए धरना देने का आरोप लगाया
Modified Date: August 22, 2026 / 03:33 pm IST
Published Date: August 22, 2026 3:33 pm IST

कोलकाता, 22 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने एक युवक को पैलेट गन से लगी चोट के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए 20 जुलाई को नयी दिल्ली के एक थाने में धरना देने को लेकर शनिवार को राहुल गांधी की आलोचना की।

घोष ने पूछा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विद्यार्थियों के आंदोलन के बीच वह झारखंड में क्यों नहीं गये।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता गांधी शुक्रवार को नयी दिल्ली के संसद मार्ग थाने में छह घंटे तक धरने पर बैठे रहे और जब पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली तब उन्होंने अपना धरना खत्म किया।

गांधी ने यह मुद्दा तब उठाया था जब साहिल लोचब (19) ने दावा किया कि पुलिस उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर रही है—जबकि उसे छर्रे लगे हैं और उसकी आंख को भी नुकसान पहुंचा है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा, ‘‘राहुल गांधी वहां नहीं जा रहे हैं जहां उन्हें जाना चाहिए।’’

भाजपा नेता घोष ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘झारखंड में विद्यार्थी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और वहां कांग्रेस समर्थित सरकार है। अदालत ने सरकार के (परीक्षा रद्द करने के) फैसले को गलत बताया है। अब उनके पास कोई काम नहीं है और वह (दिल्ली में) सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए बैठे हैं।’’

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे 26 दिन के विरोध-प्रदर्शन को झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन सरकार के उस फैसले ने शांत कर दिया, जिसमें 22 परीक्षाओं को रद्द करने और 23 अन्य की जांच के आदेश दिए गए थे।

हालांकि, इस फैसले ने सफल उम्मीदवारों के बीच एक और विरोध को जन्म दिया, जिनमें से कई ने नौकरी जाने के डर से उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया।

उनकी अर्जियों पर सुनवाई करते हुए, झारखंड उच्च न्यायालय ने भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने वाले कई सरकारी अधिसूचनाओं के अमल पर रोक लगा दी।

इससे परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में नाराजगी फैल गई। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर ‘धोखा देने’ तथा उच्च न्यायालय में भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के अपने फ़ैसले का ठीक से बचाव नहीं कर पाने का आरोप लगाया। परीक्षाओं का रद्द करना ही प्रदर्शनकारियों की एक मुख्य मांग थी।

भाजपा ने प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर विद्यार्थियों के कल्याण के मामले में ‘दोहरा रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया।

हालांकि सत्तारूढ़ झामुमो ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए विद्यार्थियों का इस्तेमाल कर रही है।

भाषा राजकुमार रंजन

रंजन


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