पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक जगहों पर थूकने, कचरा फैलाने पर लगेगा जुर्माना

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक जगहों पर थूकने, कचरा फैलाने पर लगेगा जुर्माना

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक जगहों पर थूकने, कचरा फैलाने पर लगेगा जुर्माना
Modified Date: September 1, 2026 / 05:14 pm IST
Published Date: September 1, 2026 5:14 pm IST

कोलकाता, एक सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने शहरों को साफ रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं और मंगलवार से सड़कों पर थूकने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, शहरी विकास एवं नगर निकाय मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी खजाना भरना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाना है।

नयी व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकते पकड़े जाने पर 100 रुपये का जुर्माना लगेगा, जबकि कचरा फेंकने या गंदगी फैलाने पर 200 रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं खुले में शौच या सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने पर भी 200 रुपये का जुर्माना लगेगा जबकि, 125 माइक्रोन से कम मोटाई वाले एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के थैले के इस्तेमाल पर भी 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

सरकार का यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने और थूकने के खिलाफ पहले से ही कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन अधिकारी और नगर निकाय इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में अक्सर कठिनाई का सामना करते रहे हैं।

पाल ने कहा कि जुर्माने की राशि जानबूझकर कम रखी गई है और इसे सरकार के लिए राजस्व जुटाने की कवायद नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘जुर्माने के जरिए पैसा इकट्ठा करने के लिए सख्ती करने के बजाय हमारा उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। हम जुर्माना लगाकर लोगों से पैसा नहीं लेना चाहते। हम चाहते हैं कि कोलकाता और हमारे राज्य के दूसरे शहर सुंदर बनें।’’

मंत्री ने माना कि केवल जुर्माना लगाने से शहर साफ नहीं हो सकते और लोगों की सोच में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अकेले किसी शहर को साफ नहीं रख सकती। जब तक यह भावना लोगों के मन से नहीं आएगी, तब तक सख्ती या जुर्माने से यह हासिल नहीं किया जा सकता।’’

उन्होंने लोगों से अपने आसपास की जगहों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की अपील की। पाल ने कहा, ‘‘लोगों को महसूस करना होगा कि यह शहर उनका भी है।’’

उन्होंने कहा कि साल में कुछ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने भर से लोगों में जागरूकता नहीं आएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह भावना आनी चाहिए कि यह मेरा शहर है, मेरा राज्य है और मैं इसे गंदा नहीं करूंगा। हम यही चाहते हैं। उम्मीद है कि अगले एक साल में बदलाव देखने को मिलेगा।’’

उन्होंने वाहन चालकों और यात्रियों से सीधी अपील करते हुए कहा, ‘‘कार की खिड़की खोलकर कोई पैकेट बाहर फेंकने से पहले या बस से थूकने से पहले एक बार जरूर सोचें।’’

हालांकि, सरकार ने माना है कि कड़े नियम लागू करने के लिए नगर निकायों की व्यवस्था अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। पाल ने कहा कि बाजारों और रेलवे स्टेशन के आसपास कई जगहों पर कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं और सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता है कि हम अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। हम कूड़ेदान लगाने की व्यवस्था कर रहे हैं और अलग-अलग जगहों पर शौचालय बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रक्रिया शुरू हो गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज से जुर्माना शुरू हो रहा है, लेकिन कूड़ेदान लगाने और शौचालय बनाने का काम भी जारी है।’’

विभाग प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाले निर्माताओं को प्रतिबंधित प्लास्टिक की जगह अनुमत विकल्प अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।

पाल ने बताया कि प्लास्टिक के थैलों के विकल्प उपलब्ध कराने के लिए बाजारों में मशीनें लगाई जा रही हैं। पाल ने बताया कि दो तरह की मशीन उपलब्ध कराई जाएंगी। पाल ने बताया कि एक मशीन एक रुपये में मक्के से बने थैले देगी, जबकि दूसरी मशीन पांच से 10 रुपये की कीमत वाले कपड़े के थैले उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग जगहों पर मशीन भेजी जा रही हैं या इसके लिए धन और संपर्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीधे भी ऑर्डर दिए जा सकते हैं तथा राज्य में बड़ी संख्या में बाजार होने के कारण इसमें कुछ समय लगेगा।

मंत्री ने कहा कि रिहायशी इलाकों के अंदर कूड़ेदान नहीं रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके बजाय घरों से कचरा दो अलग-अलग थैलों में अलग करके सफाई कर्मचारियों को देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

यह कार्रवाई राज्य में कई वर्षों से मौजूद प्रावधानों को फिर से लागू करने की दिशा में भी एक कदम है। 2019 में संशोधित नगर निकाय कानून के तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता था। कोलकाता में अवैध रूप से कचरा फेंकने पर 50 रुपये से 5,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था।

इन प्रावधानों के बावजूद उनका प्रभावी अनुपालन हमेशा चुनौती बना रहा है। हालांकि, भाजपा सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इन कानूनों में कोई संशोधन करेगी या नहीं।

ऐसे में नई कार्रवाई में सिर्फ जुर्माने की राशि ही नहीं, बल्कि सड़कों पर इन नियमों को वास्तव में कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी।

सरकार को उम्मीद है कि 100 या 200 रुपये का जुर्माना लोगों के लिए सिर्फ सजा नहीं, बल्कि यह याद दिलाने का काम करेगा कि सार्वजनिक जगहों को साफ रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

राज्य में भाजपा सरकार के गठन को चार महीने पूरे हो चुके हैं। ऐसे में पाल का यह कहना कि नगर निकायों की तैयारियां अभी जारी हैं, संकेत देता है कि आने वाले दिनों में नई व्यवस्था के अमल पर करीबी नजर रहेगी।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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