Vande Bharat: काम नहीं आई प्रधानमंत्री की अपील, परिणाम के अगले दिन ही बदला राज्य का मिजाज, क्या होगा बंगाल का नया ‘कलेवर’?

West Bengal Politics News: भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद बंगाल की गलियों से लेकर सचिवालय 'नबन्ना' तक, फिजां पूरी तरह बदल चुकी है।

Vande Bharat: काम नहीं आई प्रधानमंत्री की अपील, परिणाम के अगले दिन ही बदला राज्य का मिजाज, क्या होगा बंगाल का नया ‘कलेवर’?

West Bengal Politics News/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: May 6, 2026 / 12:04 am IST
Published Date: May 6, 2026 12:03 am IST
HIGHLIGHTS
  • पश्चिम बंगाल की सत्ता में बड़ा परिवर्तन हुआ है।
  • बंगाल में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
  • बंगाल में भाजपा की जीत के साथ ही राज्य में सत्ता का मिजाज बदलता हुआ नजर आ रहा है।

West Bengal Politics News: नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सत्ता की दहलीज पर इस वक्त एक ऐसा इतिहास लिखा जा रहा है, जिसकी गूंज दिल्ली से लेकर कोलकाता तक सुनाई दे रही है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद बंगाल की गलियों से लेकर सचिवालय ‘नबन्ना’ तक, फिजां पूरी तरह बदल चुकी है। कहीं बुलडोजर की दहाड़ है, तो कहीं बरसों से बंद पड़े मंदिरों के खुलते ताले.. देखिए.. बंगाल का ‘नया कलेवर।’

सोमवार को नतीजों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया था कि, TMC के कार्यकर्ताओं जैसी हरकतें न करें। उपद्रव और हिंसा से दूर रहें। ऐसा कुछ न करें जिससे माहौल बिगड़े।

लेकिन प्रधानमंत्री की अपील बेअसर दिखी, ये तस्वीरें उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि बंगाल के इस्लामपुर की हैं। (West Bengal Politics News) हाथों में भगवा झंडा और सड़क पर गरजते हुए ये बुलडोजर बता रहे हैं कि, बंगाल में सत्ता का मिजाज बदल चुका है। उत्तेजक गानों और कार्यकर्ताओं के जोश के बीच ये संदेश साफ है। अब अपराधियों और सिंडिकेट राज पर ‘बाबा का वार’ बंगाल में भी दिखेगा।

West Bengal Politics News:  लेकिन जीत का ये जश्न सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं है। बरसों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट रहा है। डायमंड हार्बर के फालता में टीएमसी के कद्दावर नेता जहांगीर खान के दफ्तर को स्थानीय लोगों ने खंडहर बना दिया। आरोप है कि वसूली, अपहरण और जुल्म का जो साम्राज्य यहां चल रहा था, उसका अंत हो गया है? वहीं, आसनसोल के जामुड़िया में भी टीएमसी के झंडे और दस्तावेज आग के हवाले कर दिए गए।

परिवर्तन की ये लहर अब पहचान की लड़ाई बन चुकी है। कार्यकर्ताओं ने ‘मस्जिद पाड़ा रोड’ का नाम बदलकर ‘नेताजी पल्ली रोड’ कर दिया है। हुंकार भरी जा रही है कि बंगाल सिर्फ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का है। वहीं, आसनसोल के बास्टिन बाजार में वो हुआ जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। (West Bengal Politics News) यहां के दुर्गा मंदिर के पट, जो कई सालों से बंद थे, भाजपा कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम के उद्घोष के साथ फिर से खोल दिए हैं।

उधर, सत्ता के केंद्र ‘नबन्ना’ में भी रंग बदल गए हैं, जिस सचिवालय से कभी ममता बनर्जी की हुकूमत चलती थी, वहां अब नए निजाम की तैयारी है। फाइलों की धूल झाड़ी जा रही है और प्रशासन के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं।

West Bengal Politics News:  बंगाल में ये सिर्फ एक सरकार का जाना और दूसरी का आना नहीं है, बल्कि एक वैचारिक युद्ध की जीत के रूप में देखा जा रहा है। (West Bengal Politics News) देखना होगा कि ये ‘हुंकार’ आने वाले दिनों में बंगाल के भविष्य को कितनी तेजी से बदलती है।

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