वायरस हो या बॉर्डर की चुनौती, भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम: मोदी

वायरस हो या बॉर्डर की चुनौती, भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम: मोदी

वायरस हो या बॉर्डर की चुनौती, भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम: मोदी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:48 pm IST
Published Date: January 28, 2021 11:36 am IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी से मुकाबला हो या सीमा पार से देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली ताकतें, भारत हर मोर्चे पर समर्थ है और अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम भी है।

राजधानी दिल्ली स्थित करियप्पा मैदान में राष्ट्रीय कैडेट कोर की रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में नक्सलवाद अब सिमट कर कुछ जिलों में ही सीमित रह गया है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘बीते साल में बड़े-बड़े संकटों का जिस सामूहिक शक्ति से हमने सामना किया, उसी भावना को हमें और सशक्त करना है। हमें देश की अर्थव्यवस्था पर इस महामारी के जो दुष्‍प्रभाव पड़े हैं, उसको भी पूरी तरह नेस्‍तनाबूद करना है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी हमें पूरा करके दिखाना है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत ने दिखाया कि वायरस हो या सीमा की चुनौती, वह अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम है।

उन्होंने कहा, ‘‘वैक्सीन का सुरक्षा कवच हो या फिर भारत को चुनौती देने वालों के इरादों को आधुनिक मिसाइल से ध्वस्त करना, भारत हर मोर्चे पर समर्थ है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जहां कोरोना के टीके के मामले में आत्मनिर्भर है वहीं अपनी सेना के आधुनिकीकरण के लिए उतनी ही तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की सभी सेनाएं सर्वश्रेष्ठ हों, इसके लिए हर कदम उठाए जा रहे हैं। आज भारत के पास दुनिया की बेहतरीन लड़ाकू मशीनें हैं।’’

बुधवार को भारत पहुंचे तीन रफाल लड़ाकू विमानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें बीच आसमान में ही ईंधन भरा जा सकता है और इनके भारत पहुंचने के क्रम में संयुक्त अरब अमीरात ने हवा में ईंधन भरने का काम किया तो यूनान और सऊदी अरब ने इसमें मदद की।

उन्होंने कहा, ‘‘ये भारत के खाड़ी देशों के साथ मजबूत होते संबंधों की एक तस्वीर भी है।’’

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत सहित तीनों सेनाओं के प्रमुख भी उपस्थित थे।

आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री ने सलामी गारद तथा एनसीसी दलों के मार्च पास्ट का निरीक्षण भी किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सेनाओं की ज्यादातर जरूरतों को भारत में ही पूरा किया जा सके, इसके लिए भी सरकार फैसले ले रही है ओर इसी क्रम में 100 से ज्यादा सुरक्षा से जुड़े सामानों की विदेशों से खरीद को बंद कर उनको भारत में ही तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब भारत का अपना तेजस लड़ाकू भी समंदर से लेकर आसमान तक अपना तेज फैला रहा है। हाल में वायुसेना के लिए 80 से ज्यादा तेजस का ऑर्डर भी दिया गया है। इतना ही नहीं आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस आधारित लड़ाई में भी भारत किसी से पीछे ना रहे, इसके लिए हर जरूरी शोध पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। वो दिन दूर नहीं जब भारत रक्षा उपकरणों के बड़े बाजार के बजाय एक बड़े उत्पादक के रूप में जाना जाएगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक समय में नक्सलवाद और माओवाद बड़ी समस्या थी और सैकड़ों जिले इससे प्रभावित थे लेकिन आज परिस्थितियां बदली हुई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन स्थानीय नागरिकों का कर्तव्यभाव और सुरक्षाबलों का शौर्य साथ आया तो नक्सलवाद की कमर टूटनी शुरू हो गई। अब देश के कुछ गिनती के जिलों में ही नक्सलवाद सिमटकर रह गया है। अब देश में न सिर्फ नक्सली हिंसा बहुत कम हुई है बल्कि अनेक युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के कार्यों से जुड़ने लगे हैं।’’

उन्होंने कहा कि एक नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देने का प्रभाव देश ने इस कोरोना काल में भी देखा है और जब देश के लोग एकजुट हुए, अपना दायित्व निभाया तो देश कोरोना का अच्छी तरह मुकाबला भी कर पाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता के अनेक लक्ष्यों को आज देश साकार होते हुए देख रहा है उन्होंने खादी के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस खादी को उसके हाल पर छोड़ दिया गया था आज वही युवाओं का पसंदीदा उत्पाद बन गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज टेक्सटाइल हो या इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन हो या पैशन, त्योहार हो या शादी, लोकल के लिए हर भारतीय वोकल बनता जा रहा है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ के लिए आत्मविश्वासी युवा बहुत ज़रूरी है और ये आत्मविश्वास शिक्षा, अच्छी सेहत कौशल और उचित अवसरों से आता है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज सरकार देश के युवाओं के लिए जरूरी इन्हीं पहलुओं पर काम कर रही है और इसके लिए सिस्टम में हर जरूरी सुधार भी किए जा रहे हैं।’’

मोदी ने कहा कि एनसीसी ने दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत युवा संगठन के रूप में छवि बनाई है और वह दिनों-दिन और मजबूत होती जा रही है। एनसीसी के कार्यों और उसके द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे अभियानों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इस संगठन की जमकर सराहना की।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र माधव

माधव


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